16 राज्यों के पत्रकारों ने लिया हिस्सा, AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग पर हुई विशेष ट्रेनिंग

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नई दिल्ली। देश भर के शीर्ष ट्रेड यूनियन संगठन वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ़ इंडिया (WJI) द्वारा 5 अक्टूबर को दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटैट सेंटर में AI Media Workshop आयोजित की गई, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश जी ने किया। इस कार्यशाला में देशभर के 16 राज्यों के पत्रकार ऑनलाइन जुड़े।

वे वरिष्ठ पत्रकार, मीडिया शिक्षाविद् एवं मीडिया विशेषज्ञ हैं। वर्तमान में वे इंडिया हैबिटैट सेंटर, नई दिल्ली के निदेशक हैं। इससे पूर्व वे भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) के महानिदेशक तथा माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के कुलपति के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।

यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने बताया गया कि पत्रकारिता में AI के प्रभावी और जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के लिए आगे भी विभिन्न विषयों पर सिलसिलेवार AI मीडिया कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इन कार्यशालाओं के माध्यम से पत्रकारों को AI की नई तकनीकों और टूल्स से परिचित कराने के साथ उनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे बदलते मीडिया परिदृश्य में AI का बेहतर उपयोग कर सकें।

कार्यशाला का उद्देश्य पत्रकारों को मीडिया क्षेत्र में Artificial Intelligence (AI) के बढ़ते उपयोग, इसकी संभावनाओं, उपयोगी AI टूल्स तथा इससे जुड़ी चुनौतियों और सावधानियों के बारे में जानकारी देना था। साथ ही, पत्रकारिता को अधिक प्रभावी, तेज और बेहतर बनाने में AI की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई।

मुख्य अतिथि का स्वागत यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय उपाध्याय, राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सक्सेना , राष्ट्रीय कार्यकारिणी नरेंदर धवन , दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष संदीप शर्मा ,महासचिव देवेन्द्र पंवार ने किया कार्यशाला का संचालन यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सक्सेना ने किया और कार्याशला के आयोजन WJI दिल्ली यूनिट के सौजन्य से किया गया।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि प्रो. (डॉ.) के.जी. सुरेश ने पत्रकारिता में AI की उपयोगिता और इसके जिम्मेदार एवं सावधानीपूर्ण इस्तेमाल पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि AI एक तकनीक है और इसे पत्रकारिता का विकल्प नहीं, बल्कि एक सहायक और सेवक के रूप में इस्तेमाल किया जाना चाहिए। पत्रकारों को AI का उपयोग अपनी पत्रकारिता की समझ, अनुभव और विवेक के साथ करना चाहिए। उन्होंने AI के गलत या लापरवाहीपूर्ण इस्तेमाल से उत्पन्न होने वाली चुनौतियों और संभावित नुकसान के प्रति भी पत्रकारों को सावधान किया।

उन्होंने कहा कि पत्रकारों को AI से डरने या घबराने की जरूरत नहीं है। पत्रकारिता के अनेक महत्वपूर्ण कार्य ऐसे हैं, जिन्हें AI पूरी तरह नहीं कर सकता। इसलिए पत्रकारों को AI की क्षमताओं और सीमाओं को समझकर इसका सही एवं जिम्मेदार तरीके से उपयोग करना चाहिए।

कार्यशाला में AI विशेषज्ञ तीर्थंकर सरकार एवं अविनाश सिंह ने पत्रकारों को रिसर्च, लेखन, एडिटिंग, तथ्य-जांच, अनुवाद और डिजिटल कंटेंट निर्माण सहित पत्रकारिता के विभिन्न कार्यों में AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि AI का सही और जिम्मेदार तरीके से उपयोग कर पत्रकारिता को अधिक बेहतर, तेज और प्रभावी बनाया जा सकता है।

दिल्ली यूनिट के पदाधिकारियों के साथ देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े पत्रकारों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यशाला के माध्यम से पत्रकारों को बदलते मीडिया परिदृश्य में नई तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलने तथा AI का जिम्मेदार और प्रभावी उपयोग करने के लिए आवश्यक जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

WJI के राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय उपाध्याय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय सक्सेना, नरेंद्र धवन, दिल्ली यूनिट के अध्यक्ष संदीप शर्मा, महासचिव देवेंद्र पंवार. उपाध्यक्ष ईश मालिक , मुकेश मधुर , धर्मेंदर भदोरिया , स्वतंत सिंह भुल्लर , प्रदेश मंत्री महेश ढौंडियाल , संजीव चौहान अन्य बड़ी संख्या में पत्रकार ने सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

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