दिल्ली में 25 साल पुराने चर्चित जबरन छापेमारी मामले में दिल्ली की तीस हजारी अदालत सुनवाई लगभग अंतिम चरण पर जारी है। बताया जाता है कि एक आईआरएस अधिकारी के यहां की गई कथित छापेमारी को लेकर जांच का मामले को लेकर तीस हजारी अदालत में सुनवाई चल रही है। आरोप है कि कार्रवाई गलत मंशा और अनुचित तरीके से की गई थी। लंबे समय तक विवादों में रहे इस प्रकरण की जांच के दौरान सामने आया कि केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो के तत्कालीन जॉइंट डायरेक्टर ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यह छापेमारी करवाई थी, जिससे न केवल अधिकारी की व्यक्तिगत और पेशेवर प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची, बल्कि विभागीय विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े हुए। यह मामला अब न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और तीस हजारी कोर्ट जल्द ही सुनवाई के बाद फ़ैसला आनी आने वाला है। बताया जाता है कि मंगलवार को सुनवाई के
दौरान तीस हजारी अदालत में फ़ैसला सुरक्षित रखा गया है। बताया जाता हैं कि कोर्ट का फ़ैसला मंगलवार शाम 4 बजे आने कि उम्मीद है।
2026-04-28


