एक तरफ सरकार अपने सभी दफ्तरों में जन सुनवाई, सुशासन और सम्मानजनक व्यवहार की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। इसका ताजा उदाहरण बुराड़ी एसडीएम कार्यालय में देखने को मिला। मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार को अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन करने पहुंचे अधिवक्ता रामबीर चौहान के साथ एसडीएम द्वारा न केवल अशोभनीय व्यवहार किया गया, बल्कि कथित तौर पर अत्यंत अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया गया। ये बात हम नहीं बल्कि अधिवक्ता रामबीर चौहान ने स्वम् आरोप लगाते हुए कही। श्री चौहान ने बताया है कि एसडीएम ने कहा “मैं अधिवक्ताओं को अपने ऑफिस से बाहर फेंक दूंगा।” एसडीएम जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी का यह बयान बेहद निंदनीय है। यह सीधे-सीधे अधिवक्ता समुदाय की गरिमा और सम्मान पर हमला है। अधिवक्ता न्याय व्यवस्था का अहम स्तंभ हैं, उन्हें कार्यालय से फेंकने की बात कैसे कही जा सकती है।
अगर अधिवक्ताओं के साथ ही न्याय के मंदिर में ऐसा व्यवहार होगा तो आम जनता के साथ क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। यह घटना सरकार के सुशासन के दावों पर सवाल खड़ा करती है। बुराड़ी एसडीएम कार्यालय में अपमानजनक हुए घटनाक्रम को अधिवक्ताओं समुदाय में आक्रोश फेल गया।इस घटना के विरोध में कई अधिवक्ताओं समुदाय एकजुट होने का निर्णय लिया है। एसडीएम बुराड़ी कार्यालय पर पहुंचकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया और अधिवक्ता रामबीर चौहान के साथ हुई अपमानजनक और दुर्व्यवहार की घटनाक्रम की निदा करी। हालाकि इस विरोध प्रदर्शन से यहाँ पर भारी पुलिस बल तैनात था। आक्रोशित अधिवक्ताओं समुदाय के लोग एसडीएम को दफ़्तर के बाहर बुलाते रहे। कोई भी उत्तर एसडीएम की तरफ़ नहीं आया। तस्वीरो में आप देख सकते हैं आक्रोशित अधिवक्ताओं समुदाय के लोग एसडीएम के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और अधिवक्ता रामबीर चौहान के साथ हुई अपमानजनक और दुर्व्यवहार एसडीएम को बुलाया जा रहा है। बताए जाता है की सिम के ख़िलाफ़ संबंधित विभाग में शिकायत दर्ज करा दी गई है। आइए देखते हैं टोटल खबरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की इस रिपोर्ट में मीडिया से बात करते हुए अधिवक्ता राम वीर चौहान ने क्या कहा।
2026-08-22
