दिल्ली पुलिस में एसएचओ बनाने के लिए इंस्पेक्टरों से रिश्वत लेने के मामले की ईडी-सीबीआई से जांच हो- आप

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  • 30 दिसंबर को 12 इंस्पेक्टरों ने पैसे लेने के बावजूद एसएचओ नहीं बनाने पर विशेष आयुक्त के घर के बाहर हंगामा किया- सोमनाथ भारती
  • केंद्रीय गृहमंत्री, एलजी और भाजपा को बताना चाहिए कि इतने बड़े भ्रष्टाचार की जांच ईडी- सीबीआई से कब होगी?- सोमनाथ भारती
  • भाजपा ढिंढोरा पीटती है कि वो भ्रष्टाचार की विरोधी है तो वह दिल्ली में किसे बचाने का प्रयास कर रही है- सोमनाथ भारती
  • पैसा देने वाले इंस्पेक्टरों को एसएचओ की मलाइदार पोस्ट दी जाती है और बाकी को पुलिस लाइन भेज दिया जाता है- सोमनाथ भारती
  • पूरी दिल्ली में यह चर्चा है कि भ्रष्टाचार का पैसा नीचे से उपर तक जाता है और जनता परेशान होती है- सोमनाथ भारती
  • भाजपा अपने राजनैतिक विरोधियों पर ईडी का दुरुपयोग करने के बजाय इस भ्रष्टाचार की जांच कराकर उसका सदुपयोग करे- सोमनाथ भारती

दिल्ली पुलिस में थानों का एसएचओ बनाने के लिए करोड़ों रुपए की रिश्वत लेने के मामले की आम आदमी पार्टी ने ईडी-सीबीआई से जांच कराने की मांग की है। पार्टी की मांग है कि यह सच दिल्ली की जनता के सामने आना चाहिए कि रिश्वत का पैसा किन-किन लोगों तक पहुंचता है। ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता सोमनाथ भारती ने मीडिया में छपी रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बीते 30 दिसंबर को 12 इंस्पेक्टरों ने पंडारा रोड स्थित विशेष आयुक्त के घर के बाहर हंगामा किया था। उनका आरोप था कि पैसे लेने के बाद भी उनको एसएचओ नहीं बनाया गया। इतना बड़ा भ्रष्टाचार केंद्रीय गृहमंत्री, एलजी और भाजपा के नाक के नीचे हुआ है। इसलिए उन्हें ये बताना चाहिए कि इसकी जांच ईडी-सीबीआई से कब होगी, भाजपा किसे बचाने का प्रयास कर रही है? उन्होंने कहा कि भाजपा अपने राजनैतिक विरोधियों के लिए जिस ईडी का दुरुपयोग कर रही है, अब उसका सदुपयोग करे और रिश्वत लेकर एसएचओ बनाने के मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं विधायक सोमनाथ भारती ने पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर कहा कि दिल्ली में पुलिस, लॉ एंड ऑर्डर और जमीन का जिम्मा केंद्र सरकार को सौंपा गया है। इसके अलावा बाकी सारे विभाग दिल्ली सरकार को दिए गए थे। ये बात अलग है कि बीजेपी शासित केंद्र सरकार ने बाद में सर्विसेज विभाग को साजिश करके ले लिए। आम आदमी पार्टी के 8 साल के जद्दोजहद के बाद 11 मई 2023 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सर्विसेज डिपार्टमेंट दिल्ली सरकार के होने चाहिए। एक सप्ताह बाद 19 मई 2023 को केंद्र सरकार ने अध्यादेश लाकर उसे भी अपने तहत ले लिया। उनका पूरा जोर एडमिनिस्ट्रेटिव कंट्रोल पर क्यों है? इस बात को दिल्ली और देश की जनता को बताना चाहता हूं।

विधायक सोमनाथ भारती ने कहा कि विगत शुक्रवार को अखबार में एक खबर को पढ़कर रौंगटे खड़े हो गए। हालांकि, किसी भी न्यूज चैनल ने इस खबर का जिक्र तक नहीं किया। उन्होंने कहा कि एक अखबार में ‘‘पैसे लेने के बावजूद एसएचओ नहीं बनाने पर इंस्पेक्टरों ने किया हंगामा’’ हेडलाइन नाम से खबर छपी थी। पुलिस में भ्रष्टाचार की बात को हम सब जानते और सुनते थे। बाजारों में अफवाह चरम पर थी कि दिल्ली में एसएचओ पद की नीलामी होती है और बोली लगाई जाती है। इसके ऊपर एक फिल्म भी बनी थी, लेकिन आज इस बात का प्रमाण हाथों में आ गया है। खबर के अनुसार, 30 दिसंबर को पंडारा रोड स्थित विशेष आयुक्त के घर के बाहर 12 इंस्पेक्टरों ने हंगामा किया और कहा कि पैसे लेकर भी एसएचओ नहीं बनाया गया। केंद्रीय गृह मंत्री और एलजी से ये पूछना चाहते हैं कि अब तक इस मामले पर सीबीआई जांच क्यों नहीं बैठी और इसे ईडी को क्यों नहीं भेजा गया? ईडी के पास गरीब किसानों को फंसान का समय है, लेकिन उनके नीचे इतना बड़ा पुलिस घोटाला हो जाता है, वहां न तो सीबीआई और न ही ईडी जाती है।

उन्होंने कहा कि खबर के अनुसार, जिस विशेष आयुक्त के घर के बाहर हंगामा हुआ, वह 30 दिसंबर को रिटायर हो गए हैं। उन्होंने पैसों के लेनदेन के लिए किसी इंस्पेक्टर को रखा हुआ था। हंगामा करने वाले इंस्पेक्टरों ने एसएचओ की नियुक्ति के लिए उस इंस्पेक्टर के जरिए विशेष आयुक्त तक पैसे पहुंचाए। जब ये हंगामा हुआ तो दिल्ली पुलिस आयुक्त के कार्य़ालय से ओएसडी डीसीपी मनीषी चंद्रा और एक अन्य डीसीपी को मौके पर भेजा गया और उन गुस्साए हुए इंस्पेक्टरों को समझाने का प्रयास किया गया। इसके बाद कुछ इंस्पेक्टरों के घूस के पैसे वापस कर दिए गए और बाकी को 5 जनवरी का समय दिया गया। उन्होंने कहा कि आखिर दिल्ली के अंदर ये सब क्या तांडव चल रहा है और इस पर कब कार्रवाई होगी। वहीं, अब सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है। हंगामा करने वाले इंस्पेक्टरों में से एक ने 100 नंबर पर कॉल किया था, लेकिन वह कॉल ऑफिशियल रिकॉर्ड में न जाए। इसके लिए उस कॉल को ग्रीन चिट देकर सेंट्रल कमांड कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड पर नहीं लाया गया। ये खबर शर्मसार करने वाली है। बीजेपी इस बात का ढिंढोरा पीटती है कि हम भ्रष्टाचार के विरोध में हैं। ईडी जांच के लिए बंगाल, पंजाब, तमिलनाडू तक पहुंच जाती है, लेकिन दिल्ली में जो नाक के नीचे हो रहा है, वहां ये लोग नहीं पहुंच पाते हैं। आखिर किसको बचाने का प्रयत्न चल रहा है।

विधायक सोमनाथ भारती ने कहा कि दिल्ली में एसएचओ की नियुक्ति के लिए स्क्रीनिंग कमेटी बनाई जाती है। इसके जरिए इंस्पेक्टरों का इंटरव्यू किया जाता है। लेकिन खबर के अनुसार, ये सब दिखावे की चीज है। असली मुद्दा तो पैसा है। जिस इंस्पेक्टर का पैसा आ गया तो उसे एसएचओ की मलाईदार पोस्ट दी जाती है। वहीं, जिसका पैसा नहीं आता है, उसको पुलिस लाइन भेज दिया जाता है। केंद्रीय गृह मंत्री और एलजी से पूछना चाहते हैं कि जब ये खबर हमारे पास पहुंच गई है तो आपके पास भी पहुंच गई होगी तो आखिर कार्रवाई कब की जाएगी। बाजार में इस तरह की भी अफवाह है कि ये पैसा ऊपर तक और केंद्रीय गृह मंत्री तक पहुंचता है। अब इस अफवाह को गृह मंत्री क्या दिशा देंगे, ये तो वही बताएंगे। जब कोई इंस्पेक्टर 2, 3 या 4 करोड़ रुपये देकर एसएचओ लगेगा तो वह थाने में पूजा करने तो नहीं जाएगा। जो 2 करोड़ देगा तो वह 20 करोड़ रुपये भी कमाएगा। करप्शन का ये सिलसिला ऊपर से चलकर नीचे तक पहुंचता है और दिल्ली की जनता परेशान होती है। आज बीजेपी के सामने ये सवाल रखना चाहते हैं कि राजनैतिक विरोधियों के लिए जो ईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसका सदुपयोग करें और इस मामले की जांच कर तह तक जाएं। ये पता लगाने की कोशिश करें कि ये पैसा कौन लेता है, कितना लेता है, कहां गया और कहां-कहां पहुंचाया गया. इसकी मांग आम आदमी पार्टी करती है। अगर बीजेपी ईडी-सीबीआई जांच के लिए किसी शिकायत का इंतजार कर रही है तो वह भी हम भेज देंगे। वैसे तो ईडी कहीं भी पहुंच जाती है, लेकिन दिल्ली में भ्रष्टाचार का ये जो तांडव हुआ है, उसकी गूंज अगर उनके कानों तक नहीं पहुंची तो ये दुर्भाग्य की बात है।

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