शतायु संघ और महिला सहभागिता: ‘सम्पूर्णा’ की संस्थापिका डॉ. शोभा विजेन्द्र की पुस्तक पर NITTTR चंडीगढ़ में हुआ सारगर्भित संवाद

Listen to this article

चंडीगढ़, 22 जुलाई 2026: एनआईटीटीटीआर (NITTTR), चंडीगढ़ के प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शताब्दी यात्रा और राष्ट्र-निर्माण में मातृशक्ति के अमूल्य योगदान पर आधारित पुस्तक ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’ पर एक भव्य एवं सारगर्भित संवाद का आयोजन किया गया। ‘सम्पूर्णा’ की संस्थापिका, प्रख्यात लेखिका एवं समाजसेविका डॉ. शोभा विजेन्द्र द्वारा सप्त सिन्धु कल्चरल हेरिटेज फोरम के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सामूहिक ‘वन्दे मातरम्’ गायन के साथ हुआ।

इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया, दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता, आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री प्रदीप जोशी, भारतीय स्त्री शक्ति की राष्ट्रीय सह सचिव डॉ. ज्योति चौथाईवाले, एबीवीपी की पूर्व राष्ट्रीय मंत्री डॉ. मुक्ता शर्मा तथा सुप्रसिद्ध अभिनेत्री श्रीमती सतिंदर कौर सत्ती सहित कई गणमान्य हस्तियां उपस्थित रहीं।

“संघ की विचारधारा पूर्णतः महिला-केंद्रित”: डॉ. शोभा विजेन्द्र

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लेखिका डॉ. शोभा विजेन्द्र ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा से उपजे विचार और कार्य पूरी तरह से महिला-केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि बिना महिला के योगदान के परिवार, समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव नहीं है।

एक भावुक प्रसंग साझा करते हुए उन्होंने बताया कि संघ परिवार में पले-बढ़े होने के कारण ही उनके भीतर “मैं नहीं, तू” और निष्काम राष्ट्र-सेवा का भाव विकसित हुआ। उन्होंने अपनी स्वर्गीय दादी गौरा देवी जी का स्मरण करते हुए बताया कि परम पूजनीय गुरुजी के लिए उनकी दादी द्वारा बनाया गया भोजन कई बार दिल्ली रेलवे स्टेशन भेजा जाता था, जो उनके परिवार की संघ-निष्ठा को दर्शाता है। डॉ. विजेन्द्र ने कहा कि यह पुस्तक प्रामाणिक दस्तावेजों के आधार पर सिद्ध करती है कि संघ में महिलाओं की भूमिका केवल सहभागिता तक सीमित नहीं, बल्कि माँ, मातृभूमि और जगन्माता के स्वरूप में व्याप्त है।

विकसित भारत 2047 के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका निर्णायक: पंजाब राज्यपाल

मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि ‘शतायु संघ और महिला सहभागिता’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण में मातृशक्ति की प्रेरक भूमिका का एक सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति के मूल्यों से प्रेरित यह कृति स्पष्ट संदेश देती है कि विकसित, सशक्त और समरस भारत का निर्माण महिला-नेतृत्व वाली सहभागिता के बिना संभव ही नहीं है।

कौटुंबिक संगठन है संघ, मातृशक्ति सदैव प्रेरणा स्रोत: प्रदीप जोशी

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे आरएसएस के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख श्री प्रदीप जोशी ने कहा कि गार्गी, मैत्रेयी, माई भागो और महारानी जिंद कौर से लेकर आज की पीढ़ी तक, भारत के उत्थान में नारी ने सदैव नेतृत्व किया है। उन्होंने कहा कि संघ स्वयं को एक ‘कौटुंबिक संगठन’ मानता है, जहाँ मातृशक्ति सदैव उसकी प्रेरणा और शक्ति रही है। आपातकाल सहित अनेक राष्ट्रीय चुनौतियों में महिलाओं की सक्रिय सहभागिता इसका जीवंत प्रमाण है।

महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देगी यह पुस्तक: विजेन्द्र गुप्ता

दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता ने कहा कि संघ की शताब्दी यात्रा में महिलाओं का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहा है। यह पुस्तक तथ्यों के आधार पर महिलाओं की भूमिका को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव और महिला सशक्तिकरण को एक नई दिशा प्रदान करेगी।

इसके साथ ही डॉ. ज्योति चौथाईवाले ने 1936 में स्थापित राष्ट्र सेविका समिति के योगदान का उल्लेख किया, डॉ. मुक्ता शर्मा ने अर्धनारीश्वर के दर्शन के माध्यम से नारी-पुरुष की पूरकता पर प्रकाश डाला, और श्रीमती सतिंदर कौर सत्ती ने ऋग्वेद काल से चली आ रही नारी की बौद्धिक व आध्यात्मिक क्षमता को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान के साथ हुआ, जिससे पूरा वातावरण राष्ट्रभक्ति की भावना से गुंजायमान हो उठा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *