एमी विनिंग प्रोड्यूसर एकता कपूर ने ‘वेव्स बाजार’ में छोटे क्रिएटर्स और बड़े स्टूडियोज़ के बीच की दूरी पर रखी अपनी बात

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एमी अवॉर्ड जीत चुकीं प्रोड्यूसर एकता कपूर हाल ही में दूरदर्शन के एक मीडिया इंटरैक्शन में शामिल हुईं, जहां उन्होंने भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में अपने शानदार सफर के बारे में बात की। इस इवेंट में संजय गोयनका भी मौजूद थे और खास बात यह रही कि इस मौके पर एकता ने अपने प्रोड्यूसर करियर के 30 साल पूरे कर लिए। हर फॉर्मेट और जॉनर में कंटेंट बनाने वाली एकता आज भी इंडस्ट्री की सबसे मजबूत और प्रभावशाली हस्तियों में से एक हैं।

अपने करियर को लेकर बात करते हुए एकता कपूर ने कहा, “जब मैंने काम शुरू किया था, तब मैं सिर्फ 18 साल की थी और मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मीडिया इतना बड़ा बिजनेस मॉडल बन जाएगा। मैंने अपनी मां के साथ शुरुआत की थी, और इन 30 सालों में पहली बार सरकार इस तरह की पहल कर रही है। मैं प्रधानमंत्री का तहेदिल से शुक्रगुजार हूं, क्योंकि यह सिर्फ बड़ी कंपनियों या कॉरपोरेट्स के लिए नहीं है। ‘वेव्स बाजार’ इवेंट छोटे क्रिएटर्स को मौके देने के लिए बनाया गया है।”

एकता कपूर ने सरकार की इस पहल के लिए दिल से शुक्रिया अदा किया और अपने शुरुआती दिनों की परेशानियों को याद किया। उन्होंने कहा, “जब मैं नई-नई काम शुरू कर रही थी, तब सच में कुछ समझ नहीं आता था कि कहां जाना है, किससे मिलना है, काम कैसे पकड़ना है। अगर उस वक्त ऐसा कोई प्लेटफॉर्म होता और सरकार ऐसी पहल करती, तो हम जैसे नए लोगों के लिए रास्ते आसान हो जाते, खासकर उन लोगों के लिए जिनके पास कोई जान-पहचान नहीं होती। आज ये देखकर बहुत खुशी हो रही है कि अब इंडिया को अपने टैलेंट और कहानियों को दुनिया के सामने लाने का सही मौका मिल रहा है। अब हमारे कलाकारों और क्रिएटर्स को इंटरनेशनल लेवल पर पहचान मिलेगी। इससे पहले कभी सरकार ने इस तरह से सबके लिए मौके बनाने की इतनी बड़ी पहल नहीं की थी।”

एकता कपूर ने टीवी कंटेंट बनाने में आने वाली चुनौतियों और छोटे क्रिएटर्स व बड़े प्रोडक्शन हाउसेज़ के बीच के गैप पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा, “टीवी पर 90% बार हम या तो किसी रीजनल शो को हिंदी में ढालते हैं, या किसी पुराने आइडिया को नया रूप देते हैं, या फिर उन्हीं राइटर्स के पास जाते हैं, जो पहले से इंडस्ट्री में जमे हुए हैं। असली क्रिएटर्स और उनकी कहानियों तक हमारी डायरेक्ट पहुंच नहीं होती। छोटे क्रिएटर्स और बड़े स्टूडियो के बीच अब भी एक दूरी बनी हुई है। लेकिन अब इस पहल के चलते हम सब एक ही प्लेटफॉर्म पर होंगे, जहां कोई भी मिडलमैन नहीं होगा। अब हम सीधे क्रिएटर्स से उनके आइडियाज और कहानियां खरीद सकेंगे, जिससे दोनों यानी बायर्स और सेलर्स, दोनों का फायदा होगा।”

एकता कपूर की बातें इस बात को साफ दर्शाती हैं कि ‘वेव्स बाजार’ इनिशिएटिव इंडस्ट्री के लिए कितना बदलाव लाने वाला साबित हो सकता है। इसका मकसद छोटे-छोटे इंडिपेंडेंट क्रिएटर्स और बड़े एंटरटेनमेंट इकोसिस्टम के बीच की दूरी को खत्म करना है, जिससे भारतीय कहानियों को नए ग्लोबल मौके मिल सकें और इंडस्ट्री में नए टैलेंट को सही प्लेटफॉर्म मिल पाए।

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