नई दिल्ली | 1 मई, 2026 – अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस के पावन अवसर पर वर्ल्ड इकोनॉमिक मोबिलिटी लिमिटेड (WEML) ने दिल्ली-एनसीआर में अपने महत्वाकांक्षी प्लेटफॉर्म ‘नेमभारत’ (NEMBHARAT) को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इसे देश की पहली ऐसी बड़े पैमाने की राइड-हैलिंग सेवा के रूप में पेश किया गया जो पूरी तरह से जीरो-सब्सक्रिप्शन और जीरो-कमीशन मॉडल पर आधारित है। कंपनी ने 1 मई का दिन विशेष रूप से इसलिए चुना ताकि वह ड्राइवर कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित कर सके, जहाँ ड्राइवर अब अपनी कमाई का शत-प्रतिशत हिस्सा अपने पास रख रहे हैं। यह व्यवस्था कोई अस्थायी ऑफर नहीं बल्कि एक स्थायी बदलाव है जिसे इस क्षेत्र में व्याप्त आर्थिक असंतुलन को खत्म करने के लिए लागू किया गया है।

चूंकि ऐप-आधारित टैक्सी चालक लंबे समय से भारी कमीशन और बढ़ते खर्चों के कारण चुनौतियों का सामना कर रहे थे, ‘नेमभारत’ ने अपने इस अनूठे मॉडल के जरिए उनका स्थायी समाधान प्रदान किया है। WEML के निदेशक और सीईओ दीपक के. शाह ने इस अवसर पर कहा कि जब ड्राइवरों की आय सुरक्षित और स्थिर होती है, तो वे अधिक भरोसेमंद सेवा प्रदान करते हैं, जिसका सीधा सकारात्मक असर यात्रियों के अनुभव पर पड़ा है। यह प्लेटफॉर्म केवल कीमत की प्रतिस्पर्धा पर नहीं, बल्कि ड्राइवर और यात्री के बीच भरोसे और बेहतर सफर के अनुभव पर केंद्रित रहा।
सुरक्षा के मोर्चे पर ‘नेमभारत’ ने एक बेहद मजबूत ढांचा पेश किया है, जिसमें अनिवार्य केवाईसी सत्यापन, एसओएस (SOS) बटन और त्वरित घटना प्रतिक्रिया तंत्र जैसी सुविधाएं शामिल की गई हैं। इसके साथ ही, शहरी यात्रियों के लिए प्रशिक्षित ड्राइवरों के साथ एक प्रीमियम श्रेणी की शुरुआत भी की गई है। ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (EoDB) के प्रोग्राम डायरेक्टर अभिजीत सिन्हा के अनुसार, भारत के ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में यह सुरक्षित और आत्मनिर्भर मोबिलिटी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है, जो देश की आर्थिक शक्ति को बढ़ाने में सहायक होगी।

भारत की बढ़ती गिग इकोनॉमी के बीच, ‘नेमभारत’ ने खुद को एक पारदर्शी और भरोसेमंद विकल्प के रूप में स्थापित किया है। कंपनी की मुख्य परिचालन अधिकारी कांची शर्मा के अनुसार, ड्राइवरों के लिए एक न्यायपूर्ण प्रणाली तैयार करना ही यात्रियों के लिए शानदार सेवा सुनिश्चित करने की नींव रही है। नारायणीहिति ट्रस्ट द्वारा निर्देशित और WEML द्वारा संचालित यह सेवा अब दिल्ली-एनसीआर में शुरू हो चुकी है और आने वाले समय में इसे देश के अन्य महानगरों में भी विस्तारित करने की योजना है, ताकि पारंपरिक कमीशन मॉडल को पूरी तरह बदला जा सके।





