उत्तर-पूर्वी दिल्ली जिले की पुलिस ने क्षेत्र में अवैध शराब की तस्करी और मादक पदार्थों की बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। थाना नंद नगरी की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक शातिर बूटलेगर (अवैध शराब तस्कर) को गिरफ्तार किया है, जिसके कब्जे से भारी मात्रा में हरियाणा मार्का अवैध शराब बरामद की गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से कुल 378 लीटर अवैध शराब बरामद की है, जिसे बेहद चालाकी से दिल्ली में खपाने के उद्देश्य से लाया जा रहा था। इसके साथ ही, पुलिस टीम ने अवैध शराब के परिवहन और तस्करी के काम में इस्तेमाल किए जा रहे एक मिनी टेंपो (छोटा हाथी) को भी मौके पर ही जब्त कर लिया है। इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध शराब माफियाओं और तस्करों के नेटवर्क पर एक करारा प्रहार हुआ है।
यह पूरी कामयाबी थाना नंद नगरी के बेहद अनुभवी और कर्मठ थाना प्रभारी (SHO) इंस्पेक्टर आनंद यादव के नेतृत्व में गठित एक विशेष पुलिस टीम को मिली है। पुलिस टीम को गुप्त सूत्रों से एक बेहद सटीक और पुख्ता जानकारी मिली थी कि एक बड़े पैमाने पर अवैध शराब की खेप हरियाणा बॉर्डर के रास्ते दिल्ली में प्रवेश करने वाली है। सूचना को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए इंस्पेक्टर आनंद यादव ने तुरंत अपनी टीम के साथ रणनीति तैयार की और भोपुरा बॉर्डर के पास रणनीतिक रूप से नाकाबंदी कर दी। दिनांक 07 मई 2026 की दोपहर को, पुलिस टीम ने भोपुरा बॉर्डर के पास कड़ी निगरानी रखते हुए वाहनों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान पुलिस टीम को एक संदिग्ध मिनी टेंपो आता हुआ दिखाई दिया, जिसका पंजीकरण नंबर DL-1LAK-XXXX था। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उस मिनी टेंपो को रुकने का इशारा किया और उसे चारों तरफ से घेरकर रोक लिया।
जब पुलिस टीम ने रोके गए मिनी टेंपो की गहनता से तलाशी लेनी शुरू की, तो वाहन के अंदर से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद हुई। तस्कर ने शराब को छुपाने के लिए वाहन में विशेष इंतजाम किए हुए थे। चेकिंग के दौरान पुलिस टीम को मिनी टेंपो से कुल 42 कार्टन (पेटी) अवैध शराब बरामद हुई। जब इन पेटियों को खोलकर गिना गया, तो प्रत्येक कार्टन के भीतर अवैध शराब के 50-50 क्वार्टर (पौवे) भरे हुए पाए गए, यानी कुल मिलाकर 2100 क्वार्टर अवैध शराब बरामद की गई, जो कुल 378 लीटर बैठती है। बरामद की गई इस पूरी अवैध शराब की बोतलों पर स्पष्ट रूप से “केवल हरियाणा में बिक्री के लिए” (For Sale in Haryana only) का लेबल लगा हुआ था। इससे यह साफ हो गया कि इस शराब को हरियाणा से कम दामों पर खरीदकर दिल्ली में अवैध रूप से ऊंचे दामों पर बेचने और मुनाफा कमाने के लिए तस्करी करके लाया जा रहा था।
भारी मात्रा में अवैध शराब की इस बरामदगी के बाद, पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मिनी टेंपो के चालक को मौके पर ही हिरासत में ले लिया और शराब सहित वाहन को अपने कब्जे में ले लिया। इस संबंध में थाना नंद नगरी में दिल्ली आबकारी अधिनियम (Excise Act) की सुसंगत धाराओं 33 और 58 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 273/26 पंजीकृत किया गया। इसके बाद पुलिस ने वाहन चालक को विधिवत रूप से गिरफ्तार कर लिया, जिसकी पहचान 51 वर्षीय असलम खान, पुत्र इस्लाम खान, निवासी बी-ब्लॉक, गोकुलपुरी, दिल्ली के रूप में की गई है। आरोपी असलम खान काफी समय से इस अवैध धंधे में संलिप्त था और दिल्ली के विभिन्न इलाकों में अवैध शराब की सप्लाई करने का काम कर रहा था।
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस टीम द्वारा आरोपी असलम खान से कड़ाई और निरंतरता के साथ (Sustained Interrogation) पूछताछ की गई, तो उसने टूटकर अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह आर्थिक लाभ कमाने के चक्कर में इस अपराध को अंजाम दे रहा था और हरियाणा से सस्ती शराब लाकर दिल्ली के स्थानीय बूटलेगरों को ऊंचे दामों पर बेचता था। जब पुलिस ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और पृष्ठभूमि का विस्तृत सत्यापन (Detailed Verification) किया, तो एक और बड़ा खुलासा हुआ। आरोपी असलम खान कोई नौसिखिया नहीं, बल्कि एक पेशेवर अपराधी है; वह पहले भी इसी तरह के आबकारी अधिनियम और अवैध शराब की तस्करी के एक मामले में शामिल पाया गया है। पहले भी जेल जाने के बावजूद उसके हौसले बुलंद थे और जेल से बाहर आते ही उसने दोबारा शराब तस्करी का नेटवर्क शुरू कर दिया था।
फिलहाल, थाना नंद नगरी पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और मामले की आगे की जांच (Further Investigation) बेहद गहनता से जारी है। पुलिस अब इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आरोपी असलम खान हरियाणा में किस मुख्य सप्लायर से यह शराब खरीदता था और दिल्ली में वह इसे किन-किन स्थानीय बूटलेगरों और आपराधिक तत्वों को सप्लाई करने जा रहा था। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराध मुक्त माहौल तैयार करने के लिए इस तरह के अवैध शराब माफियाओं और नशा तस्करों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि युवाओं को नशे की गर्त में जाने से बचाया जा सके और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा किया जा सके।










