Listen to this article

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े खुफिया अभियान के तहत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI), मुंबई अंडरवर्ल्ड और कुख्यात शहजाद भट्टी के अंतरराष्ट्रीय व अंतरराज्यीय आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुमार कुशवाहा के मार्गदर्शन और डीसीपी/एनडीआर प्रवीन कुमार के नेतृत्व में काम कर रही स्पेशल सेल की टीम, जिसमें एसीपी विवेक कुमार त्यागी, इंस्पेक्टर सुनील रजैन और इंस्पेक्टर धीरज अहलावत शामिल थे, ने इस खतरनाक मॉड्यूल के आठ गुर्गों को गिरफ्तार किया है। मिली जानकारी के अनुसार यह नेटवर्क दिल्ली और मुंबई के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, सुरक्षा केंद्रों और पुलिस कर्मियों पर ग्रेनेड हमलों और गोलीबारी करने की एक बड़ी आपराधिक साजिश रच रहा था। इस संबंध में नई दिल्ली के स्पेशल सेल थाने में मामला दर्ज किया गया है।

इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत खुफिया सूचनाओं और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर हुई, जिसके तहत 14 मई को उत्तर प्रदेश के रहने वाले मुख्य शूटर विजय उर्फ विजय शूटर (23) को पुणे से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 17 मई को उसके सहयोगी नीतीश पासवान (23) को साहिबगंज, झारखंड से दबोचा गया। पूछताछ में सामने आया कि विजय पाकिस्तान और दुबई से संचालित शहजाद भट्टी नेटवर्क के लगातार संपर्क में था और उसे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने तथा दिल्ली एनसीआर में युवाओं की भर्ती करने का काम सौंपा गया था। विजय से मिली जानकारियों के आधार पर स्पेशल सेल ने 27 मई को मुंबई से तौकीर रिजवान अहमद शेख (27) और साजिद महबूब शेख उर्फ अरबाज खान (27) को गिरफ्तार किया। ये दोनों आईएसआई हैंडलर यावर खान और मुन्ना झिंगाड़ा के संपर्क में थे। इन्हें मुंबई के फरार आरोपी हुजैफा ने शहजाद भट्टी के इशारे पर भर्ती किया था ताकि वे मुंबई और दिल्ली में सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर ग्रेनेड हमले कर सकें।

तकनीकी जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस को जानकारी मिली कि इसी हैंडलर के इशारे पर पंजाब का एक गिरोह भी दिल्ली में हमला करने आ रहा है। मुस्तैदी दिखाते हुए पुलिस टीम ने 30 मई को तड़के करीब 01:00 बजे महरौली बदरपुर रोड पर जाल बिछाकर पंजाब के तीन आरोपी हरविंदर सिंह (28), गगनदीप सिंह (28) और मंजीत सिंह (23) को दबोच लिया। इनके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। पंजाब के इन आरोपियों से पूछताछ के बाद इस नेटवर्क से जुड़े एक नेपाली नागरिक लामा आंग कामी (66) को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया गया, जिसे मुन्ना झिंगाड़ा के निर्देश पर दिल्ली में आतंकियों के ठहरने की व्यवस्था और फंडिंग का जिम्मा सौंपा गया था। लामा आंग कामी वर्ष 2001 से 2018 के बीच थाईलैंड की जेल में ड्रग्स मामले में बंद था, जहां वह दाऊद इब्राहिम के करीबी मुन्ना झिंगाड़ा (जो वर्ष 2000 में बैंकॉक में छोटा राजन पर हमले का मुख्य आरोपी था) के संपर्क में आया था। आइए देखते हैं टोटल खबरें के वरिष्ठ संवत् राजेश खन्ना की यह रिपोर्ट है

इस सफल ऑपरेशन के दौरान स्पेशल सेल ने भारी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए हैं, जिनमें पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री द्वारा निर्मित 4 हैंड ग्रेनेड, 2 अत्याधुनिक ग्लॉक पिस्तौल और 24 जिंदा कारतूस शामिल हैं। इसके अलावा साजिश में इस्तेमाल की गई एक चोरी की पल्सर मोटरसाइकिल, एक होंडा एक्टिवा स्कूटी और कई मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनमें पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ की गई आपत्तिजनक चैट और देश विरोधी साजिशों के पुख्ता सबूत मौजूद हैं। दिल्ली पुलिस की इस त्वरित और सटीक कार्रवाई ने देश की राजधानी और आर्थिक राजधानी मुंबई को दहलाने की एक बहुत बड़ी अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क के अन्य संभावित ठिकानों और नेपाल से जुड़े अन्य संदिग्धों का पता लगाने के लिए आगे की जांच कर रही है।

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *