उत्तरी रेंज के अंतर्गत आने वाले रोहिणी, नॉर्थ वेस्ट और आउटर नॉर्थ जिलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एनआईटी ऑडिटोरियम, जी.टी. रोड, दिल्ली में एक सम्पर्क सभा का आयोजन किया गया।
सभा की अध्यक्षता जोन 1 के विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) देवेश चंद्र श्रीवास्तव, के द्वारा करी गई।
कार्यक्रम में संयुक्त पुलिस आयुक्त, उत्तरी रेंज विजय सिंह, के साथ तीनों जिलों के सभी DCP और एडिशनल DCP सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इस सम्पर्क सभा में लगभग 400 पुलिस अधिकारी एवं कर्मियों ने भाग लिया। सभा की शुरुआत संयुक्त पुलिस आयुक्त, उत्तरी रेंज विजय कुमार, के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने विशेष CP का स्वागत करते हुए तीनों जिलों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला और कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध रोकने तथा प्रभावी जनसेवा सुनिश्चित करने में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के समर्पण व व्यावसायिकता की सराहना की।
सभा को संबोधित करते हुए विशेष CP देवेश चंद्र श्रीवास्तव ने उत्तरी रेंज के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उत्कृष्ट प्रतिबद्धता, अनुशासन और व्यावसायिकता की प्रशंसा की। उन्होंने सभी को जनता के प्रति ईमानदारी, समर्पण और संवेदनशीलता के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए पुलिसिंग के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
सभा में
- सम्मान एवं पुरस्कार: सम्पर्क सभा के दौरान लगभग 100 पुलिसकर्मियों को पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। साथ ही, आपराधिक मामलों के त्वरित निपटारे में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली जांच टीमों को भी विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया।
- गुड समैरिटन सम्मान: पुलिस और जनता की मदद में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले उत्तरी रेंज के 16 गुड समैरिटन को भी उनके सराहनीय कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
- खुला संवाद: विशेष CP ने अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ खुले सत्र में बातचीत की। उन्होंने उनकी शिकायतों, सुझावों और कल्याण से जुड़े मुद्दों को धैर्यपूर्वक सुना। अधिकांश शिकायतों का मौके पर ही निवारण किया गया, जबकि शेष मुद्दों के समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित DCP को निर्देश दिए गए।
सभा सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। इसने नेतृत्व की पुलिसकर्मियों के कल्याण और जमीनी स्तर पर संवाद मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों को नए उत्साह, व्यावसायिकता और समर्पण के साथ नागरिकों की सेवा करने की प्रेरणा दी।


