शेखर कपूर द्वारा असफलता, सफलता और समय के भ्रम को समझना: आत्मबोध की एक मास्टरक्लास
*सफलता, असफलता और उनके बीच का अंतराल: शेखर कपूर धारणा के माध्यम से आत्म-मूल्य को पुनर्परिभाषित करते हैं *शेखर कपूर की असफलता पर विचार: “यह असली नहीं है, यह केवल एक निर्णय है जो आप खुद पर लगाते हैं” बैंडिट क्वीन, एलिज़ाबेथ और मिस्टर इंडिया जैसी फ़िल्मों के साथ सिनेमाईContinue Reading












