विभाजन के समय की बात करती ‘बंगाल 1947’

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भारत की आजादी और विभाजन के दौर की कहानियां जब सिनेमा में आती हैं तो अक्सर उनका रुख पंजाब की तरफ ही रहता है। लेकिन पाकिस्तान का निर्माण तो भारत के पूर्वी हिस्से में भी हुआ था। पिछले सप्ताह रिलीज हुई निर्माता सतीश पांडे व लेखक-निर्देशक आकाशादित्य लामा की फिल्म ‘बंगाल 1947’ अपने नाम से ही जता देती है कि वह इसी हिस्से की बात कर रही है। इस फिल्म की कहानी 16 अगस्त, 1946 के उस दिन से शुरू होती है जब मौहम्मद अली जिन्ना ने मुसलमानों के लिए धर्म के आधार पर एक अलग देश पाकिस्तान बनाने की मांग करते हुए ‘डायरेक्ट एक्शन डे’ का ऐलान किया था जिसके बाद तब के कलकत्ता में भयानक दंगे हुए थे। लेकिन यह फिल्म उन दंगों की विभीषका में न जाकर एक गांव में एक प्रेम कहानी दिखाती है जिसमें कुलीन कुल का एक युवक और दलित युवती का प्रेम है। यह युवक इतिहास के तथ्यों से बताता है कि किस प्रकार भारत में कभी कोई जाति भेद नहीं था और इसे लाने वाले दरअसल स्वार्थी लोग थे। ओंकार दास माणिकपुरी, देवलीना मुखर्जी, आदित्य लखिया, अनिल रस्तोगी, अतुल गंगवार जैसे कलाकारों वाली इस फिल्म में सूत्रधार के तौर पर प्रख्यात कलाकार हरीश भिमानी की आवाज का इस्तेमाल किया गया है।

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