एक कहावत आपने सुनी होगी। पैसा खुदा तो नहीं हैं पर खुदा की क़सम, खुदा से कम भी नहीं है। जी हाँ एक समय होता था। जब रिश्तों को बहुत अहमियत दी जाती थी। लेकिन अब रिश्ते कई बार रूपये पैसे को लेकर खटास आ जाती है। इसकी कई वजह हो सकती है। मुख्य वजह शायद रुपया पैसा हो सकता हैं। जिससे रिश्तों में खटास आ जाती है। जानकारी के अनुसार सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के इंद्रप्रस्थ इलाक़े में 27 अगस्त समय क़रीब साढ़े 8 बजे एक नाबालिग बच्ची जिसकी उम्र साढ़े छे साल है। बच्ची का किसी ने अपहरण कर लिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामला दर्ज कर जाँच पड़ताल शुरू कर दी। मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने पाँच आरोपियों को गिरफ़्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों का नाम कृष्ण, शाहिदा पिंटू, सुशील और सुनीता है। कृष्ण और शाहिदा बच्ची की मौसा और मौसी है। जबकि पिंटू, सुशील और सुनीता कृष्ण के दोस्त हैं। बताया जाता है कि बच्ची को बहला फुसलाकर मौसी शाहिदा घर से ले गई थी। एक स्कॉर्पियो गाड़ी में तीन लोग जो की कृष्ण के जानकार थे इंतज़ार कर रहे थे। शाहिदा ने बच्ची को तीन लोगों को पिंटू, सुशील और सुनीता को सौंप दिया। वह बच्ची को बिहार के सीतामढ़ी में ले गए। अपहरण के बाद आरोपियों ने मलेशिया देश के नम्बर से 30 लाख रुपये की फिरौती वाइज़ संदेश का भेजा। वहाँ से बच्ची को नेपाल की तरफ़ ले जाने वाले थे। पुलिस को पूछताछ में पता चला कि मामला पैसे को लेकर लेन देन का था। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार में रेड कर आरोपियों को दबोच लिया। बताया जाता है कि पुलिस ने बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने ख़ुलासा करते हुए बताया है कि दरअसल कृष्ण ने लड़की के चाचा को 30 लाख रुपया दिए थे और वह अपना पैसा वापस माँग रहा था। पैसा नहीं मिलने पर आरोपी कृष्ण ने पत्नी और दोस्तों के साथ मिलकर बच्ची का अपहरण करने की योजना बनायी। अपहरण के बाद बच्ची को नेपाल ले जाने वाले थे। पुलिस ने भारत नेपाल बॉर्डर पर आरोपियों को दबोच लिया और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया ।
बताया जाता है कि सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट पुलिस द्वारा मामला क़रीब 36 घंटे में सुलझाने का दावा किया जा रहा है। इस मामले में कई और लोगों से भी पुलिस पूछताछ करने में कर रही है। कई और लोगों की गिरफ्तारियां भी हो सकती है। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। टोटल ख़बरें दिल्ली से ही राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट।







