*“समर एक्शन प्लान“ केवल कागज़ों तक सीमित है। जब तक जल स्रोतों की उपलब्धता नहीं बढ़ाई जाएगी, तब तक ये घोषणाएं केवल ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का बहाना हैं- देवेन्द्र यादव
*जब टैंकर में पानी ही नहीं होगा, तो ऐप की लोकेशन दिखाकर क्या होगा? प्यासे लोग क्या ऐप से पानी पी सकते है?- देवेन्द्र यादव
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने राजधानी में दिन-ब-दिन गंभीर होते जल संकट को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार दिल्ली की जनता को पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा देने में पूरी तरह नाकाम हो रही है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार प्रचार, फोटोशूट और मोबाइल ऐप के जरिए केवल दिखावा कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि दिल्ली की तीन करोड़ की आबादी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली को रोज़ाना लगभग 1800 मिलियन गैलन (एमजीडी) पानी की ज़रूरत होती है, लेकिन सरकार खुद मानती है कि केवल 1000 एमजीडी ही आपूर्ति हो पा रही है। इसके बावजूद सरकार 1290 एमजीडी की मांग दिखा रही है, जो वास्तविक ज़रूरत से कहीं कम है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार द्वारा घोषित “समर एक्शन प्लान“ केवल कागज़ों तक सीमित है। जब तक जल स्रोतों की उपलब्धता नहीं बढ़ाई जाएगी, तब तक ये घोषणाएं केवल ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का बहाना हैं। उन्होंने मांग की कि भाजपा की दिल्ली सरकार दिल्ली की आबादी और मांग के अनुसार कम से कम 1500 एमजीडी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करनी चाहिए ताकि लोग पानी के लिए तरसे नही। उन्होंने 9,000 करोड़ रुपये के जल बजट पर सवाल उठाते हुए कहा, “यह कुल बजट का केवल 15 प्रतिशत है, जबकि पिछले वर्ष यह हिस्सा 18 प्रतिशत था। जब बजट में ही कटौती कर दी गई है, तो जल अवसंरचना का विकास और मजबूती कैसे संभव है?“
देवेन्द्र यादव ने कांग्रेस की पूर्व मुख्यमंत्री स्व0 श्रीमती शीला दीक्षित के कार्यकाल को याद करते हुए कहा कि दिल्ली के इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ कांग्रेस ने जल, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी।
देवेन्द्र यादव ने “समर एक्शन प्लान 2025“ पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह केवल घोषणाओं का पुलिंदा बनकर रह गया है, जो कि सिर्फ कागजों पर दिखाई देता नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि जल मंत्री परवेश वर्मा ने दिल्ली में जलापूर्ति के लिए न तो अब तक किसी पड़ोसी राज्य के साथ बैठक की है और न ही प्रधानमंत्री या केंद्रीय जल संसाधन मंत्री से इस विषय पर कोई चर्चा की है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि सबसे दुखद पहलू यह है कि पिछले साल गर्मी और जल संकट की वजह से 275 लोगों की जान चली गई थी, लेकिन सरकार ने इससे कोई सबक नहीं लिया। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा, “जब टैंकर में पानी ही नहीं होगा, तो ऐप की लोकेशन दिखाकर क्या होगा? प्यासे लोग ऐप से पानी नहीं पी सकते।“ यह साफ जाहिर है कि आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में जल संकट को दूर करने में नाकाम रही उसी तरह भाजपा सरकार भी बहाने बनाकर नाकाम साबित हो रही है।
यादव ने कहा कि दिल्ली को पर्याप्त जल उपलब्ध न करा पाना सिर्फ प्रशासनिक नाकामी नहीं, बल्कि जनता के साथ एक बड़ा विश्वासघात है। भाजपा सरकार को बताना होगा कि वह इस गंभीर संकट से निपटने के लिए तत्काल क्या कदम उठा रही है। केवल भाषणों और प्रचार से जनता की प्यास नहीं बुझ सकती।



