नई दिल्ली, 1 अगस्त 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आगामी परिसीमन (Delimitation) को लेकर केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोला है। शनिवार को तमिलनाडु दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा परिसीमन के जरिए एक सोची-समझी साजिश के तहत तमिलनाडु की जनता की राजनीतिक ताकत को छीनना चाहती है। उन्होंने तमिलनाडु के हर नागरिक और सभी राजनीतिक दलों से परिसीमन का पुरजोर विरोध करने का आह्वान किया।
“परिसीमन तमिल जनता के अधिकारों पर हमला”
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने परिसीमन के राजनीतिक असर पर चिंता जताते हुए कहा:
“भाजपा देश में परिसीमन की व्यवस्था लागू करने की पूरी कोशिश कर रही है। इसका वास्तविक मकसद तमिलनाडु के लोगों को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित करना और राज्य की राजनीतिक ताकत को कम करना है। यह तमिलनाडु के विकास, संस्कृति और जनसांख्यिकीय योगदान पर सीधा प्रहार है।”
’21वीं सदी के एट्टप्पन’ कहकर बोला हमला
तमिल इतिहास के चर्चित किरदार एट्टप्पन—जिन्हें विश्वासघात का प्रतीक माना जाता है—का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल या व्यक्ति संसद में परिसीमन विधेयक को पारित कराने की भाजपा-आरएसएस की कोशिशों का समर्थन करेगा, वह तमिलनाडु के लोगों और उनके उज्ज्वल भविष्य के साथ बड़ा धोखा करेगा। राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा कि इतिहास ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगा और उन्हें “21वीं सदी के एट्टप्पन” के रूप में याद रखा जाएगा।
“संसद में परिसीमन बिल को हराए हर राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल”
नेता प्रतिपक्ष ने सभी राजनीतिक दलों को एकजुट होकर इस बिल को खारिज करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी एक पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि तमिलनाडु की अस्मिता का सवाल है। उन्होंने मांग की कि तमिलनाडु की हर क्षेत्रीय पार्टी और देश की हर राष्ट्रीय पार्टी को संसद के पटल पर इस परिसीमन विधेयक को हराने के लिए एक साथ खड़ा होना चाहिए ताकि राज्य के राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा की जा सके।









