गोवा को सिर्फ पर्यटन तक सीमित न रखकर निवेश, उद्यमिता और सतत आर्थिक विकास का वैश्विक केंद्र बनाने की जरूरत है। SARC के चेयरमैन सुनील कुमार गुप्ता ने वाइब्रेंट गोवा ग्लोबल बिजनेस समिट 2026 में यह विजन पेश किया।
उन्होंने कहा – “समुद्र तटों के लिए आएं, कारोबार के लिए ठहरें”। गुप्ता ने कहा कि गोवा में निवेश की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन इसके लिए निवेशकों को अनुकूल माहौल, पारदर्शी प्रशासन और स्पष्ट नीतिगत जानकारी देना जरूरी है।
निवेशकों के लिए सरकारी मंजूरियों, प्रोत्साहनों और कारोबार शुरू करने की प्रक्रिया को सरल, डिजिटल और पारदर्शी बनाना होगा। विभिन्न विभागों में बेहतर समन्वय से दीर्घकालिक कारोबारी विश्वास मजबूत होगा।
गुप्ता ने कहा कि पर्यटन के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री बुनियादी ढांचा, स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए क्षेत्रों पर फोकस करना होगा। इससे स्थानीय उद्यम मजबूत होंगे और युवाओं के लिए रोजगार बढ़ेंगे।
उन्होंने गोवा के विकास को राज्य विजन 2037 और विकसित भारत 2047 से जोड़ते हुए सरकार, उद्योग और निवेशकों के बीच सहयोग पर जोर दिया।
इस अवसर पर सुनील कुमार गुप्ता और चंचल सोनी द्वारा तैयार पुस्तक ‘Invest in Goa: Handbook for Investors and Startups 2026’ और ‘Make in India’ के चौथे संस्करण को भी महत्वपूर्ण पहल बताया गया, जो निवेशकों के लिए विश्वसनीय जानकारी उपलब्ध कराती है।
