10 से 18 फरवरी, सुबह 11 से रात 8 बजे तक प्रगति मैदान के हॉल नंबर 1 से 5 में आयोजित नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में आप सादर आमंत्रित हैं। पाठक प्रगति मैदान के प्रवेश द्वार 4, 6 और 10 का उपयोग पुस्तक मेले के लिए करेंगे। नजदीकी मेट्रो स्टेशन सुप्रीम कोर्ट है, जहाँ से प्रगति मैदान प्रवेश द्वार 10 से शटल सेवा उपलब्ध होगी। दिव्यांगजनों के लिए प्रगति मैदान के प्रवेश द्वार 4 और 8 के पास व्हीलचेयर की सुविधा मिलेगी। पाठकों की सुविधा के लिए वेलकम, दिलशाद गार्डन, रिठाला, जीटीबी नगर, विश्वविद्यालय, कश्मीरी गेट, राजीव चौक, नोएडा सेक्टर—52, नोएडा सिटी सेंटर, बॉटेनिकल गार्डन, वैशाली, इंद्रप्रस्थ, सुप्रीम कोर्ट, मंडी हाउस, कीर्ति नगर, द्वारका, मुनिरका, आईटीओ, आईएनए, हौजखास कुल 20 मेट्रो स्टेशनों पर टिकट विक्रय काउंटर बनाए गए हैं, जहाँ से पाठक सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले की टिकट खरीद सकते हैं। बच्चों के लिए टिकट दर 10 रुपये और वयस्कों के लिए 20 रुपये है। यूनीफॉर्म में स्कूली विद्यार्थियों, स्कूल द्वारा आयोजित शैक्षणिक भ्रमण पर आए विद्यार्थियों, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रवेश नि:शुल्क है।
इस बार नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले की थीम है— बहुभाषी भारत : एक जीवंत परंपरा, जिसके माध्यम से इस बार भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और भाषाई विविधता को परिलक्षित किया जाएगा। 1000 वर्ग मीटर में फैला थीम मंडप पुस्तकों, मुद्रित सामग्री, ई-मीडिया और ऐप के जरिये भाषाई अभिव्यक्तियों की प्रचुरता को प्रदर्शित करता है। भाषिनी एप्लिकेशन का उपयोग सभी भाषाओं में निर्बाध अनुवाद को सक्षम बनाता है जो न केवल एआई-संचालित जीवन की सुविधा प्रदान करती है बल्कि कोड-स्विचिंग या बहुभाषी संस्कृति के लिए प्रसिद्ध देश में संचार को भी बढ़ावा देती है।
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में सम्मानित अतिथि देश सऊदी अरब है। लगभग 400 वर्ग मीटर के पैवेलियन में सऊदी अरब के प्रकाशकों की पुस्तकें होंगी। पाठकों के लिए भारत में ही अरब की भाषा, संस्कृति, लोक परंपरा, साहित्य को समझने का यह सुनहरा अवसर होगा। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, स्पेन, तुर्की, इटली, रूस, ताइवान, इरान, यूनाइटेड अरब अमीरात, ऑस्ट्रिया, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल सहित और भी कई देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। फेस्टीवल ऑफ फेस्टीवल्स के अंतर्गत देश—विदेश के सभी पुस्तक महोत्सवों को एकीकृत करने का प्रयास इस बार के विश्व पुस्तक मेले में दिखेगा। अलग—अलग देशों से आए प्रतिनिधि आपस में साहित्यिक, भाषाई, पारंपरिक और सांस्कृतिक भावों का आदान—प्रदान करेंगे और समूचे विश्व को साहित्यिक एवं सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बाँधने का प्रयास करेंगे।
विशेष रूप से तैयार बाल मंडप में इस बार बच्चों के संवाद कौशल पर विशेष रूप से ध्यान दिया गया है। उनके लिए विशेष कार्यशालाएँ आयोजित होंगी, जिनमें कैलीग्राफी, समाचार लेखन, कैरीकेचर, एनीमेशन स्टोरी डिवेलपमेंट, कहानी लेखन, कला एवं शिल्प, खेल—खेल में गणित आदि से बच्चों को रोचक ढंग से सीखने का अनुभव मिलेगा। पैनल चर्चा, प्रश्नोत्तरी और विभिन्न प्रतियोगिताओं के साथ—साथ उन्हें मंच पर आकर अपने भीतर छिपी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का भी अवसर इस बार विशेष रूप से दिया जाएगा। लेखक मंच और ऑर्थर कॉर्नर में भी भाषाओं की रौनक देखने को मिलेगी। यह एक ऐसा मंच है जहाँ पर देश—विदेश से प्रख्यात साहित्यकार अपनी पुस्तक की विषय—वस्तु पर बात करते हुए अपने साहित्यिक अनुभवों पर बात करेंगे।
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले के दौरान ही 11 फरवरी को एम्बेस्डर सीईओ स्पीक फोरम का आयोजन होगा, जिसमें प्रकाशन उद्योग से जुड़े मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रबंध निदेशक और विशेषज्ञ अपने विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। 12 से 13 फरवरी को नई दिल्ली राइट्स टेबल के दसवें संस्करण का आयोजन होगा, जिसके तहत प्रकाशक, राइट्स प्रतिनिधि, साहित्यकार, अनुवादक और संपादक एक साथ शिरकत करेंगे। एनडीआरटी अब अंग्रेजी, हिंदी सहित सभी भारतीय और विदेशी भाषाओं की पुस्तकों के लिए एक विशेष मंच बना है। यह प्रकाशकों को नए व्यावसायिक माहौल में ‘बी2बी प्लेटफॉर्म’ के जरिये अपने विचारों के आदान-प्रदान, कॉपीराइट पर विचार-विमर्श और अपनी प्रकाशन सामग्री या मुद्रित उत्पादों के राइट्स को हस्तांतरित करने का अवसर देगा।
अब तक का सबसे बड़ा पुस्तक मेला जो लगभग 45 हजार वर्ग मीटर के क्षेत्र में आयोजित होने जा रहा है, इसमें एक हजार से अधिक प्रकाशकों की लगभग सभी विषयों पर आधारित पुस्तकें विभिन्न भाषाओं में पाठकों के लिए उपलब्ध होंगी। विश्व पुस्तक मेले में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत मातृभाषा में शिक्षा ग्रहण के अभियान को आगे ले जाते हुए पाठकों के लिए यहाँ क्षेत्रीय भाषाओं की पुस्तकें और द्विभाषी पुस्तकें भी उपलब्ध होंगी। ‘बुक्स फॉर ऑल’ के तहत सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की सहभागिता से यूआईडी प्रस्तुत करने पर दृष्टिबाधित पाठकों के लिए यहाँ ब्रेल पुस्तकें नि:शुल्क मुहैया करवाई जाएँगी। पुस्तकों के इस महाकुंभ में इस बार 600 से अधिक साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे।
नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे, जिनमें नाटक, लोक प्रदर्शन, संगीत, बैंड प्रदर्शन और बहुत कुछ शामिल है। यह न केवल मशहूर कलाकार और कवियों की प्रस्तुति का आनंद लेने और अग्रणी संगीतकारों से परिचय करवाने का एक राष्ट्रीय मंच होगा, बल्कि यह देश के समकालीन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का एक आदर्श मिश्रण भी होगा। नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले का शुभारंभ 10 दिसंबर सुबह 11 बजे होगा। फेस्टीवल ऑफ फेस्टीवल्स और विश्व के सबसे बड़े पुस्तक मेले आपका हार्दिक स्वागत है












