उत्तरी जिला पुलिस ने मनी ट्रांसफर एजेंट के कर्मचारी द्वारा रची गई 54.5 लाख रुपये की फर्जी लूट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के नाम 1. वासुदेव, 23 वर्ष,, बीकानेर का रहने वाला है। मनी ट्रांसफर एजेंट के यहां कर्मचारी है।
2 पुरुषोत्तम, 22 वर्ष, बीकानेर का रहने वाला है। फार्मेसी डिप्लोमा कर रहा है। पूर्व में नापासर थाने में लूट के मामले में संलिप्त। 3 राम निवास, 32 वर्ष, बीकानेर , वेडिंग फोटोग्राफर है ।
4 कमल भारती, 31 वर्ष, इंद्रा कॉलोनी, बीकानेर वेडिंग फोटोग्राफर है ।
5 मनफूल मुंड, 22 वर्ष, बीकानेर का रहने वाला है। स्नातक, वेडिंग फोटोग्राफर।
6 मनोज मोटसरा, 26 वर्ष, बीकानेर – वेडिंग फोटोग्राफर है । जानकारी के अनुसार थाना लाहौरी गेट और स्पेशल स्टाफ/उत्तर की संयुक्त टीमों ने 48 घंटे में सुलझाया मामला, छह आरोपी गिरफ्तार, 50 लाख रुपये नकद बरामद 26 मई को शिकायतकर्ता वासुदेव, उम्र 23 वर्ष, निवासी गांव कपूरिसर, बीकानेर, राजस्थान, जो वर्तमान में अपने दूर के रिश्तेदार राजिंदर उर्फ राजू के घर शास्त्री नगर, दिल्ली में रहता है और उसके यहां मनी ट्रांसफर एजेंट का काम करता है, ने सूचना दी। उसके मालिक ने उसे कुचा घासीराम, चांदनी चौक स्थित मनी ट्रांसफर ऑफिस में देने के लिए 54.5 लाख रुपये नकद से भरा बैग दिया था। शिकायतकर्ता ने रैपिडो ऑटो बुक किया और सुबह करीब 11 बजे टी पॉइंट एसपीएम रोड, फतेहपुरी पर उतरा। इसी दौरान दो लड़के आए और उसका नकदी से भरा बैग लूट लिया। उन्होंने उसे लात भी मारी, शर्ट फाड़ दी, मोबाइल फोन लूट लिया और पुल मिठाई की ओर पैदल भाग गए। थाना लाहौरी गेट में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने दिल्ली, राजस्थान और उत्तराखंड में फैला 6 दिन का अंतरराज्यीय ऑपरेशन: लगभग 3500 किलोमीटर की दूरी तय कर पुलिस टीमों ने आरोपियों को दबोचा। 500+ सीसीटीवी कैमरों का गहन विश्लेषण, तकनीकी निगरानी और सतत पूछताछ से हुआ खुलासा। जैसे आप इस सीसीटीवी फुटेज का वीडियो देख रहे है किस शातिरराणा तरीक़ा अपनाते हुए किस पहले आरोपी ऑटो से उतरते देख और फिर नाटकीय अंदाज़ में खुद गिर रहा है। फुटेज में दो व्यक्ति बैग लेकर भागते और ई-रिक्शा में बैठकर पुल मिठाई की ओर जाते दिखे। पुलिस टीम अलीपुर बस स्टैंड तक पहुंची लेकिन आगे कोई सुराग नहीं मिला। पुनः फुटेज के गहन विश्लेषण में सामने आया कि लूट के समय शिकायतकर्ता ने न तो विरोध किया और न ही आरोपियों का पीछा किया। आरोपी पहले से ही मौके पर मौजूद थे और किसी विशेष व्यक्ति का इंतजार कर रहे थे। पूछताछ में शिकायतकर्ता बार बार बयान बदल रहा था और घटना के 30 सेकंड बाद ही बेहोश होने का नाटक करने लगा। इन सभी बिंदुओं से शिकायतकर्ता पर शक गहरा गया। कड़ी पूछताछ में वासुदेव टूट गया और कबूल किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर यह फर्जी लूट की साजिश रची थी। बताया जाता हैं कि वासुदेव छह महीने से अपने रिश्तेदार राजिंदर के यहां काम करता था। कुछ दिन पहले उसने बड़ी रकम डिलीवर करने की जानकारी अपने चचेरे भाई पुरुषोत्तम, निवासी बीकानेर को दी। दोनों ने बड़ी रकम मिलने पर लूट का नाटक कर पैसे हड़पने की साजिश रची। पुरुषोत्तम ने अपने दोस्त राम निवास को और राम निवास ने अपने साथी मनोज मोटसरा, कमल भारती व मनफूल, सभी निवासी बीकानेर को इसमें शामिल किया। आइए देखते हैं टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की रिपोर्ट में।
बहरहाल पुलिस ने कुल 50 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। शेष राशि की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। दिल्ली पुलिस की सतर्कता और प्रोफेशनल जांच से 48 घंटे में ही स्व-रचित लूट की साजिश का पर्दाफाश कर सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। टोटल खबरें दिल्ली रराजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट



