एक समय था, जब दिल्ली में फ्लाईओवर के जाल की ख़ूब चर्चा हुआ करती थी। इसी वजह से दिल्ली, फ्लाईओवरों के शहर के नाम से जाना जाने लगा था। फ्लाईओवर बनने के बाद जाम से दिल्ली वालों को काफ़ी राहत मिली। दूसरी तरफ़, दिल्ली के नाँगलोई का एक ऐसा फ्लाईओवर, जो कि पिछले क़रीब 1 दशक से ऊपर समय बीत जाने के बाद भी, इस फ़्लाइओवर का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। कई वर्ष बाद भी यह फ्लाईओवर बनकर तैयार नहीं हो पाया है, और आधी-अधूरी हालत में इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अटका पड़ा है। लेकिन इस फ़्लाइओवर को लेकर जो सबसे रोचक चीज़ देखने को सामने आ रही है, कि इस फ्लाईओवर का एक हिस्सा नीचे उतरना बाक़ी है। जी हाँ! आपने ठीक सुना। फ्लाईओवर का एक हिस्सा नीचे उतरने से क्या मतलब है? ये आधा अधूरा फ्लाईओवर का एक हिस्सा ऊपर की तरफ़ जा रहा है और दूसरी तरफ़ से नीचे उतरने वाला हिस्सा वहीं अटका पड़ा है। कई स्थानीय दुकानदार, और आवासीय एसोसिएशन, शिव हरि मार्केट, फ़्रान्स मार्केट असोसिएशन, शुक्र बाज़ार मार्केट एसोसिएशन, अग्रवाल समाज नागलोई, रेज़िडेंशीयल वेल्फेयर एसोसिएशन JJ कॉलोनी, नागलोई आवासीय जनकल्याण विकास समिति, जनता मार्केट एसोसिएशन एवं कई अन्य एसोसिएशन द्वारा कई बार संबंधित विभाग और सरकार के मंत्रियों और दिल्ली नगर निगम मेयर से शिकायत कर चुके हैं, परंतु नतीजा वही- ढाक के तीन पात। इनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। शुक्रवार को नागलोई जंता मार्किट के दुकानदार एसोसिएशन द्वारा, एक प्रैस वार्ता कर नागलोई-सुल्तानपुरी फ्लाईओवर के निर्माण कार्य पूरा न होने को लेकर सरकार के ख़िलाफ़ अपना रोष प्रकट किया, और ख़ुलासा करते हुए फ़्लाइओवर निर्माण कार्यों में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। ख़ुलासा करते हुए आरोप लगाया कि इस फ़्लाइओवर निर्माण कार्य पर एक दशक से ऊपर का समय हो चुका है, लेकिन स्थानीय दुकानदार एवं आवासीय लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ये तस्वीरें आप देख रहे हैं। ये अवैध पट्रियाँ लगी हुई बताई जा रही है, और इसके साथ ही कई दुकाने भी हैं जो कि टूट फूट हालत के चलते जर्जर हालत में हुई पड़ी है। बताया जाता है कि इस अवैध पट्रियों के चलते, इस फ्लाईओवर का निर्माण कार्य आगे नहीं बड़ पा रहा है। प्रेस वार्ता में कई बड़े आरोप लगाए गए। टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना ने जब मार्किट एसोसिएशन के चेयरमैन, अध्यक्ष और कई अन्य पदाधिकारियों से बात की तो सुनिए उन्होंने क्या कहा। देखिए हमारे संवाददाता कि इस विशेष रिपोर्ट में।
जिस तरह से प्रैस वार्ता कर, बहुचर्चित नाँगलोई फ़्लाइओवर के निर्माण कार्यों में देरी की वजह बताते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। इसमें कितनी सच्चाई है यह कह पाना तो मुश्किल है, इसके साथ ही एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने ख़ुलासा करते हुए बताया है कि फ्लाईओवर के निर्माण कार्य पूरा न हो सके यहाँ के कई दुकानदारों को भी ज़िम्मेदार बताया है, जिसकी वजह से इस फ़्लाइओवर का निर्माण कार्य अटका पड़ा है। लेकिन एक बात तो साफ़ है, कि अगर ये फ़्लाईओवर का निर्माण कार्य पूरा न हुआ तो जितना भी ये फ़्लाई ओवर निर्माण हुआ है तो क्या इस पर जो निर्माण को लेकर लाखों रुपया ख़र्च किया गया वे सब बेकार हो जाएगा? टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट।



