कांग्रेस दिल्ली की सत्ता में आने पर, दलितों को चार धाम यात्रा कराऐगी – अम्बेडकर की जन्म स्थली महु, गौतम बुद्ध की स्थली सारनाथ, बोधगया, और रविदास स्थली ।

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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय राजीव भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए पूर्व सांसद डा0 उदित राज ने घोषणा की कि अरविन्द केजरीवाल की अनदेखी का शिकार दलितों के लिए हम सत्ता में आने पर उनको चार धाम बौध गया, महु, सारनाथ और रविदास स्थल पर निशुल्क तीर्थ यात्रा करवाने की व्यवस्था करेंगे और सरकार में आने पर ठेकेदारी प्रथा को खत्म करने की पहल करेंगे और दिल्ली सरकार की सफाई कर्मचारियों की सीधी भर्ती करेंगे। अपने भविष्य को संवारने और अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए 5 फरवरी को कांग्रेस पार्टी को मतदान करें।

संवाददाता सम्मेलन में डा0 उदित राज के साथ कांग्रेस प्रवक्ता श्री अभय दूबे और श्री ज्योति सिंह, कम्युनिकेशन विभाग के डा0 अरुण अग्रवाल भी मौजूद थे।

डा0 उदित राज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अधिकार और हिस्सेदारी दी थी, आम आदमी पार्टी बड़ी चतुराई से खत्म करती गई और पता भी न चला। निम्न तथ्यों को जानकार चौक जाएँगे।

  1. आप सरकार ने ग्रंथियों और पुजारियों को ₹ 18000 प्रति माह वेतन की घोषणा की है । दिल्ली में हज़ारों बौद्ध भिक्षुओं, रविदास और भगवान बाल्मीकि के पुजारियों को क्यों नहीं?

2 जिस तरह से दिल्ली सीएम तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत रामेश्वरम, द्वारकाधीश, सोमनाथ, नागेश्वर, जगन्नाथपुरी, बाबा महाकाल, शिरडी , तिरुपति बालाजी, अयोध्या, माँ वैष्णो देवी, पुष्कर, फतेहपुर सीकरी, स्वर्ण मंदिर, करतारपुर साहिब, मथुरा-वृंदावन और हरिद्वार को सरकारी खर्च पर यात्रा करायी जाती है, उसी तरह से सारनाथ, लुंबिनी, बोध गया, कुशीनगर, राजगृह, रविदास जन्मस्थली, महू, दीक्षा भूमि, चैत्य भूमि की क्यों नहीं?

  1. 2014 में आम आदमी पार्टी का सबसे बड़ी दलितों को लुभाने वाली बात ठेकेदारी प्रथा की समाप्ति की थी, वह तो बिल्कुल न हुई बल्कि ठेकेदारी प्रथा को तेज कर दिया। एमसीडी, जल बोर्ड, डीटीसी जैसे तमाम विभागों में नौकरी खत्म हुई। उच्च पदों पर एडहॉक और कंसल्टेंट बड़े पैमाने पर नियुक्त किए गए। इससे एक तरफ सरकारी नौकरी खत्म हुई तो दूसरी तरफ आरक्षण भी। 2015 से अभी तक मात्र 440 सरकारी नौकरी दी। केजरीवाल राजनीति में आने के पहले इक्वलिटी फोरम के मध्यम से आरक्षण विरोधी आंदोलन चलाते थे और अब वोट लूटने की लालच में बिना बोले वही काम करने में लगे हैं ।
  2. मुख्यमंत्री अर्बन लीडरशिप प्रोग्राम फेलोशिप जिसके तहत फ़ेलो को सवा लाख रुपये और एसोसिएट फेलो को 75 हजार रुपये प्रति माह का प्रावधान किया, में आरक्षण क्यो नहीं ?
  3. 2018 में मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना को शुरू तो किया लेकिन दिल्ली सरकार का पैसा न मिलने की वजह से निजी संस्थान छात्रों को प्रतिभा न दे सके। इस तरह से फ्री कोचिंग ढपोरसंख साबित हुई क्योंकि कोचिंग कराने वालों को पैसा नहीं दे सके। जयभीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना इसलिए निजी संस्थानों ने बंद कर दिया क्योंकि सरकार उन्हें पैसा न दे सकी।
  4. अनुसूचित जाति/जन जाति के लिए आबंटित बजट इनके विकास में न लगाकर दूसरे मदों में खर्च करके इनका अहित किया।
  5. ⁠ ड्यूटी के दौरान सफाई कर्मचारियों की मृत्यु पर 1 करोड़ रुपये का मुवावजा देने का वायदा किया था लेकिन सैकड़ों की मौत हुई, लेकिन इन्हें मुआवजा नहीं दिया ।
  6. दिल्ली एससी/एसटी/ओबीसी/अल्पसंख्यक व विकलांग वित्त एवं विकास निगम लिमिटेड को बंद किया, जिससे साफ-साफ इनकी दलित विरोधी मानसिकता दिखती है।
  7. जीटीबी एनक्लेव में बने हुए एससी/एसटी छात्रों के लिए हॉस्टल करीब दो सालों से बंद है। सिरसपुर और नजफ़गढ़ में 800 गरीब एससी/एसटी छात्रों के आवासीय स्कूल बंद कर दिए गए हैं।
  8. कांग्रेस पार्टी ने संविधान बनाकर शिक्षा और सरकारी नौकरियों में आरक्षण दिया। बैंक, एलआईसी, तेल, कोयला, एयर इंडिया सहित तमाम निजी क्षेत्र के कल-कारखाने और संपत्ति का राष्ट्रीयकरण किया जिससे लाखों सरकारी नौकरी मिल सकी। अधिकतर सस्ती शिक्षा सरकारी क्षेत्र में रही और यही कारण है तेजी से उच्च शिक्षा में दलित व आदिवासी भागीदार बने।
  9. कांग्रेस पार्टी ही है, जो राशन, तेल, चीनी की दुकानों में ही कोटा – परमिट नहीं बल्कि पेट्रोल पंप और गैस, एजेंसी में भी हिस्सेदारी दी। जमीन दिया और रोजगार के लिए किफायती दरों पर कर्ज आदि ।विशेष भर्ती अभियान के माध्यम से लाखों सरकारी नौकरियां मिली। आज दलित, आदिवासी, पिछड़ा समाज जो प्रगति किया वह कांग्रेस की ही देन है। कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे और जननायक श्री राहुल गांधी सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं ताकि दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को शासन-प्रशासन में भागीदारी मिले। इसी से हम मजबूत राष्ट्र बना पाएंगें और सबकी क्रय-शक्ति बढ़ाकर ही बड़ी अर्थ-व्यवस्था वाला देश बन सकता है।

डा0 उदित राज ने कहा कि 5 फ़रवरी को दिल्ली विधान सभा का चुनाव है, दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों का एक-एक वोट कांग्रेस के उम्मीदवार को देकर ही आरक्षण और संविधान को बचाया जा सकता है ।

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