देश के पत्रकारों के शीर्ष संगठन, वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया, सम्बद्ध भारतीय मजदूर संघ ने देशभर के पत्रकारों को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए सरकार से वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट को विस्तार देने और बरकरार रखने की मांग की है

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प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया यूनियन (डब्ल्यूजेआई) ने देश के सभी पत्रकार ट्रेड यूनियनों से पत्रकारों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया है। डब्ल्यूजेआई ने मांग की है कि केंद्र और राज्य सरकारें यह सुनिश्चित करें कि मीडिया कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए पत्रकारों के लिए कानून लागू हों। वर्किंग जर्नलिस्ट्स ऑफ इंडिया यूनियन के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री संजय कुमार उपाध्याय, राष्ट्रीय महासचिव नरेंद्र भंडारी ने आज दिल्ली में यूनियन की हुई एक बैठक में यहां दोहराया कि लगभग डेढ़ दशक से मीडिया कर्मचारियों के वेतन में संशोधन नहीं किया गया है, इसलिए बिना किसी देरी के नए वेतन बोर्ड की स्थापना की जानी चाहिए। डब्ल्यूजेयू ने यह भी मांग की है कि वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट को निरस्त करने के बजाय इसे बरकरार रखा जाना चाहिए और इसके दायरे का विस्तार किया जाना चाहिए। वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट अपने आप में अनूठा है, क्योंकि इसकी तुलना अन्य क्षेत्रों के श्रमिकों से नहीं की जा सकती। यूनियन के वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय कुमार सक्सेना ने केंद्र सरकार से मांग की है कि प्रिंट मीडिया के अलावा इलेक्ट्रॉनिक और वेब मीडिया के सभी कर्मचारियों को वर्किंग जर्नलिस्ट एक्ट के तहत शामिल किया जाए ताकि उनके वेतन और सुविधाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
यूनियन ने केंद्र सरकार से , पत्रकार की परिभाषा तय करने व पत्रकारों के हितों की सुरक्षा तय करने को लेकर एक तीसरे प्रेस ( मीडिया ) आयोग का गठन करने व प्रेस काउंसिल के स्थान पर मीडिया काउंसिल की स्थापना करने की मांग की है ।

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