महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने से जुड़े महिला आरक्षण बिल के पारित न होने के मुद्दे पर आयोजित प्रेस वार्ता में नेशनल अकाली दल ने विपक्षी दलों पर जोरदार हमला बोला। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष परमजीत सिंह पम्मा ने इसे देश की आधी आबादी के अधिकारों से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कहा कि इस तरह के महत्वपूर्ण मुद्दे पर राजनीतिक स्वार्थ हावी होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। पम्मा ने कहा कि महिला आरक्षण केवल एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समान अवसर और लोकतांत्रिक भागीदारी का मूल आधार है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई राजनीतिक दल सार्वजनिक मंचों पर महिला सशक्तिकरण की बातें करते हैं, लेकिन जब वास्तविक निर्णय लेने का समय आता है तो वही दल संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व देने से पीछे हट जाते हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के साथ सीधा अन्याय बताया। इस मुद्दे को लेकर नेशनल अकाली दल ने विपक्ष के खिलाफ 25 अप्रैल को जंतर मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए भावना धवन को नेशनल अकाली दल महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया। पम्मा ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में महिला विंग नई ऊर्जा के साथ काम करेगी और महिलाओं को संगठन में नेतृत्व के प्रमुख स्थान तक पहुंचाने का कार्य करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी महिलाओं को केवल सहभागिता तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में अग्रिम भूमिका देना चाहती है। आइए देखते हैं टोटल खबरें के विशेष संवादाताओं राजेश खन्ना की इस रिपोर्ट में परमजीत सिंह पम्मा ने क्या कहा
2026-04-23



