दिल्ली में एक बार फिर से पीले पंजे के आतंक से खलबली मच गई। इस बार यह पीला पंजा चला है वह भी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की विधानसभा क्षेत्र में श्री दिगंबर जैन मंदिर के कुछ हिस्से की तोड़फोड़ को लेकर स्थानीय लोगों में भारी ग़ुस्सा और आक्रोश था। दिल्ली के शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बी एन ब्लॉक में स्थित श्री दिगंबर जैन मंदिर पर शनिवार को यहाँ पर पीला पंजा चला। जैन समाज के लोगों में मंदिर के कुछ हिस्से की तोड़फोड़ को लेकर भारी आक्रोश और ग़ुस्सा देखने को मिला। इसकी वजह यह है कि इस मंदिर के बाहर क़रीब छह फुट की चार दीवारी करी जा रही थी। बताया जाता है कि पहले मंदिर के बाहर स्टील की ग्रिल लगी हुई थी । जिसके चलते मंदिर की ग्रिल फांदकर चोर मंदिर में घुस जाते थे। मंदिर की कमेटी द्वारा क्षेत्रीय थाना अध्यक्ष से मिलकर चोरी की समस्याएं उठायी। इसे लेकर मंदिर की सुरक्षा को लेकर कमेटी के द्वारा ने निर्णय लिया कि। यहाँ पर चार दीवारी बनायी जा रही थी। परंतु संबंधित विभाग को यह दीवार बनाना रास नहीं आया तो मंदिर की इस दीवार को तोड़ने के साथ कुछ दूसरे हिस्से को भी तोड़ा गया यह आरोप मंदिर की कमेटी के द्वारा लगाया गया है। मामला दिल्ली की मुख्यमंत्री की विधान सभा का था तो इस पर राजनीति होना भी ज़ाहिर था। शालीमार बाग विधानसभा की पूर्व विधायक बंदना कुमारी मौक़े पर लोगों के बीच पहुंचकर सरकार पर निशाना साधा और कहा कि 40 साल से इस मंदिर को लेकर कभी किसी तरह का कोई कार्रवाई नहीं करी गई है। इस बार यह मंदिर पर यह कार्रवाई दुखद और परेशान करने वाली है और वह भी दिल्ली के मुख्यमंत्री के जन्मदिवस के उपलक्ष्य पर। टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना ने जब मौक़े पर मंदिर कमेटी के महामंत्री से जानने का प्रयास किया कि आख़िर यह पूरा मामला क्या है और मंदिर के ख़िलाफ़ यह तोड़फोड़ की कार्रवाई क्यों करी गई। आइए देखते हैं हमारे संवाददाता कि यह विशेष रिपोर्ट में।
मौक़े पर पहुँचे आम आदमी पार्टी की पूर्व विधायक वंदना कुमारी और मुकंदपुर से पूर्व निगम पार्षद अजय शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए क्या कहा।


