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नोएडा के सेक्टर 15A के अधिकांश वासियों ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि वे 1986 के मास्टर प्लान में धार्मिक उपयोग हेतु निर्धारित भूमि पर मंदिर निर्माण के पक्ष में पूरी तरह एकजुट हैं। यह मांग कोई नई नहीं है अपितु पिछले लगभग 30 वर्षों से निवासी लगातार इस विषय को उठाते रहे हैं, और यह भूमि 40 वर्षों से अधिक समय से धार्मिक स्थल हेतु चिह्नित है। बताया जाता है कि यह स्थल लगभग 0.9 हेक्टेयर का है, जैसा कि मास्टर प्लान में स्पष्ट रूप से अंकित है, और इसका वृंदावन पार्क से कोई संबंध नहीं है। सरकार ने पूरी पारदर्शिता और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत, पूर्ण भुगतान के आधार पर सार्वजनिक नीलामी की प्रक्रिया प्रारंभ की है। वर्तमान में मामला उत्तर प्रदेश के उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। बताया जाता है कि सेक्टर में कुल लगभग 80,000 वर्ग मीटर हरित क्षेत्र (ग्रीन कवर) 11 पार्कों और ग्रीन बेल्ट के रूप में विकसित है। मंदिर के लिए निर्धारित भूमि लगभग 300 वर्ग मीटर मात्र है, जो कुल हरित क्षेत्र का 0.2 प्रतिशत से भी कम है। स्पष्ट रूप से यह भूमि किसी सक्रिय पार्क या सार्वजनिक हरित क्षेत्र का हिस्सा नहीं है। हरित क्षेत्र को लेकर जो आशंकाएँ प्रस्तुत की जा रही हैं, वे तथ्यों से परे और भ्रामक हैं। बताया जाता है कि लगभग 900 परिवारों वाले इस सेक्टर में केवल लगभग 26 परिवारों ने विरोध दर्ज किया है। यह स्पष्ट दर्शाता है कि भारी बहुमत मंदिर निर्माण के पक्ष में है।
बताया जाता है कि, कुछ लोग आगामी RWA चुनाव को देखते हुए इस विषय को राजनीतिक रंग देने और मीडिया के माध्यम से दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। सामुदायिक आस्था और दशकों पुरानी मांग को व्यक्तिगत या राजनीतिक स्वार्थ से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। बताया जाता है कि मैं सेक्टर में 50% से अधिक निवासी वरिष्ठ नागरिक हैं, और लगभग 25% अकेले रहते हैं। 1 से 3 किलोमीटर की दूरी पर अन्य मंदिर होने के बावजूद, “पीक आवर्स” में वहाँ पहुँचने में 45 मिनट से लेकर एक घंटे से अधिक समय लग जाता है, जो बुजुर्गों के लिए व्यावहारिक रूप से कठिन है।
मंदिर केवल पूजा का स्थान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शांति, सामाजिक संवाद और सांस्कृतिक मूल्यों का केंद्र होता है। जैन और सिख समुदाय सहित अनेक परिवारों ने भी इस पहल में सहभागिता और समर्थन व्यक्त किया है। दावा किया जा रहा है कि सरकार कानूनी और योजना संबंधी प्रक्रियाओं का पालन कर रही है। यदि किसी को आपत्ति है, तो उसका समाधान न्यायालय में होना चाहिए, न कि मीडिया ट्रायल या भ्रामक अभियानों के माध्यम से। सेक्टर 15A के निवासी शांति, सौहार्द और वैधानिक प्रक्रिया में विश्वास रखते हैं। हम सभी से आग्रह करते हैं कि समुदाय की एकता बनाए रखें और तथ्यों के आधार पर संवाद करें।

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