प्राचीन ऐतिहासिक झण्डेवाला देवी मंदिर मे पांचवें दिन नवरात्र मेले के मां के पाचंवे स्वरूप “स्कन्द माता’’ का श्रृंगार व पूजा अर्चना पूर्ण विधि-विधान से की गई l माँ भगवान स्कन्द “कुमार कार्तिकेय” के नाम से भी जानी जाती हैं l चतुर्भुजी माँ “स्कन्दमाता” का वाहन मयूर है इसलिए इन्हें “मयूरवाहन” के नाम से भी जाना जाता है l माँ स्कन्द माता की उपासना से भक्तों की समस्त इच्छाएँ पूर्ण होती हैं l
भक्तों की मनोकामना पूरी करने वाली माँ झण्डेवाली के मंदिर मे माँ का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए भक्तों का माँ के प्रति श्रद्धा व उत्साह देखते ही बनता है l मंदिर के सेवादार आने वाले भक्तों को माँ के दर्शन सुचारु रूप से हो सके इसके लिये सदैव तत्पर रहते हैं और भक्तों का मार्ग दर्शन करते हैं l मंदिर प्रबंधन की ओर से सुरक्षा के समस्त प्रबंध किये गये हैं l मंदिर व आसपास के क्षेत्रों में 290 सी सी टी वी कैमरे लगाये गये है जिन पर सुरक्षा कर्मी व पुलिस की टीमें हर समय नजर रखती हैं।
दर्शनों की online बुकिंग व QR Code से की जा रही दर्शन व्यवस्था भक्तों में बहुत लोकप्रिय हो रही है।
चार स्थानों पर निःशुल्क पार्किंग व्यवस्था, 6 स्थानों पर जूता स्टैंड, 24 घंटे फर्स्टऐड, मेट्रो स्टेशन से आने जाने हेतु ई-रिक्शा की व्यवस्था भक्तों को आनंद और सुरक्षा की अनुभति कराती है। माँ झण्डेवाली के प्रति आस्था एंव मंदिर की स्वच्छता व व्यवस्था की प्रशंसा सुन कर देश विदेश से भक्त माँ के दर्शनों के लिये आते हैं । मंदिर न्यास व प्रबंधन समिति सदैव आने वाले भक्तों की सुविधा और संतुष्टि के लिये प्रयत्नशील एवं तत्पर रहती है l इस मंदिर को भारत के सर्वश्रेष्ठ मंदिरों मे गिना जाता है। प्रात:
कल नवरात्र के छठे दिन माँ के छठे स्वरूप कात्यायनी देवी का श्रृंगार एवं पूजा अर्चना की जायेगी
2026-03-23




