राजस्थान संस्था संघ द्वारा नई दिल्ली के कोपरनिक्स मार्ग पर आयोजित ‘राजस्थान स्थापना दिवस 2026’ के भव्य समारोह में मानवता और प्रेरणा का एक अनूठा संगम देखने को मिला। इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक और विचारक डॉ. कुमार प्रशांत मानव द्वारा रचित दो अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकों, ‘बिल्डिंग ए बेटर फ्यूचर’ (Building a Better Future) और ‘बुक ऑफ लाइफ’ (Book of Life) – चौथा संस्करण, की सैकड़ों प्रतियां निःशुल्क वितरित की गईं। मुख्य अतिथि और गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य समारोह की मुख्य अतिथि दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता थीं। उन्होंने डॉ. कुमार प्रशांत मानव की इन पुस्तकों को समाज, मानवता और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक ‘बहुमूल्य खजाना’ बताते हुए इनका विमोचन और वितरण किया। यह पुस्तकें जीवन का सही मार्ग दिखाने और मानवीय मूल्यों को जागृत करने का एक सशक्त माध्यम हैं। इस अवसर पर संस्था के गणमान्य सदस्य भी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:
- श्री नवरत्न अग्रवाल जी (अध्यक्ष)
- श्री कृष्ण नरेरा जी (कार्यकारी अध्यक्ष)
- श्री चंद्र शेखर मिश्रा जी (महासचिव)
- श्री आशीष अग्रवाल जी (फ्रेंचाइजी बताओ)
- श्री जय सिंह कटारिया जी
- राष्ट्रीय कवि: डॉ. सुदेश यादव ‘जख्मी’ जी, श्री जगदीश गंभीर जी और श्री सुशील भारती जी।
लेखक का परिचय और मिशन
मूल रूप से राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले डॉ. कुमार प्रशांत मानव के परदादा, स्वर्गीय सर फतह सिंह जी, बीकानेर (राजस्थान) के न्यायाधीश थे। डॉ. मानव को मार्च 2020 के कोविड काल के दौरान आत्मज्ञान की प्राप्ति हुई। उस कठिन समय में, जब पूरी दुनिया जीवन के लिए संघर्ष कर रही थी, उन्होंने मानवता के कल्याण, नैतिक मनोबल बढ़ाने और राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के उद्देश्य से ईश्वर प्रदत्त अमूल्य विचारों को लिखना शुरू किया।
डॉ. मानव का एकमात्र लक्ष्य हर व्यक्ति को एक ‘बेहतर इंसान’ बनाना है। उनकी पुस्तक का शीर्षक “जर्नी ऑफ लाइफ: फ्रॉम डार्कनेस टू लाइट” (अंधकार से प्रकाश की ओर जीवन की यात्रा) उनके इसी महान उद्देश्य को दर्शाता है। नि:स्वार्थ सेवा और समर्पण
डॉ. कुमार प्रशांत मानव अपने नेक मिशन के तहत अब तक ‘बुक ऑफ लाइफ’ के विभिन्न संस्करणों और ‘बिल्डिंग ए बेटर फ्यूचर’ की हजारों प्रतियां स्कूलों (विशेषकर कक्षा 7वीं और 8वीं के छात्रों), संस्थानों और पुस्तकालयों में निःशुल्क वितरित कर चुके हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि वे ईश्वर द्वारा दिए गए इन विचारों को कभी बेचेंगे नहीं, क्योंकि उनका उद्देश्य धन या प्रतिष्ठा कमाना नहीं, बल्कि समाज में मानवता की स्थापना करना और हर व्यक्ति को ईश्वरीय प्रकाश से आलोकित करना है


