सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना और हिंदू एकता के महान संकल्प को लेकर 1 जून को गोविंदगढ़ (जेवर) से पावन धाम वृंदावन तक एक विशाल सनातन पदयात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा में देशभर के सनातन प्रेमी, धर्मप्रेमी युवा, समाजसेवी एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होंगे। प्रख्यात उद्योगपति, समाजसेवी एवं गोयल मेडिकोज के संस्थापक डॉ. बसंत गोयल भी इस पवित्र पदयात्रा में सहभागिता करेंगे और सनातन संस्कृति के संरक्षण एवं राष्ट्र जागरण के इस अभियान को अपना समर्थन देंगे। यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारत की प्राचीन संस्कृति, हमारी धार्मिक आस्था और हिंदू समाज की एकता का प्रतीक बनने जा रही है।
“एक ध्येय एक मंत्र एक संकल्प” के संदेश के साथ निकलने वाली यह पदयात्रा समाज में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करने का कार्य करेगी। आज के समय में जब युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से दूर होती जा रही है, तब इस प्रकार की यात्राएं उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करती हैं। इस यात्रा का उद्देश्य केवल धार्मिक जागरण ही नहीं, बल्कि समाज में एकता, भाईचारे और सनातन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाना भी है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भगवान के जयकारों, भजन-कीर्तन और धर्म संदेशों के माध्यम से पूरे वातावरण को भक्तिमय बनाएंगे।
यह पदयात्रा गोविंदगढ़ (जेवर) से प्रारंभ होकर जेवर, हमीदपुर, टप्पल, कंसेरा, बाजना, नोहझील और माट जैसे विभिन्न स्थानों से होती हुई श्रीकृष्ण की पावन नगरी वृंदावन पहुंचेगी। यात्रा का हर पड़ाव सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और समाज को जोड़ने का माध्यम बनेगा। इस दौरान धर्माचार्यों, संतों और समाज के प्रतिष्ठित लोगों द्वारा समाज को एकजुट रहने, भारतीय संस्कृति को अपनाने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संदेश दिया जाएगा। उनके साथ ही समाज के युवाओं के प्रेरणास्रोत और लोकप्रिय व्यक्तित्व प्रदीप ढाका एवं मनु पहाड़ी भी इस दौरान अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराएंगे और कार्यक्रम की गरिमा को बढ़ाएंगे। इस पूरे पुनीत कार्य और आयोजन के मुख्य निवेदक प्रख्यात अभिनेता एवं समर्पित समाजसेवी सनी चौधरी हैं, जो लगातार अपनी कला और सामाजिक गतिविधियों के माध्यम से सनातन मूल्यों के प्रचार-प्रसार और जन कल्याण के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके इस भागीरथ प्रयास में समस्त क्षेत्रवासी एवं शुभचिंतक भी सह निवेदक के रूप में पूरी निष्ठा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। आयोजकों का दृढ़ विश्वास है कि यह ‘सनातन हिंदू एकता विशाल पदयात्रा’ केवल एक धार्मिक आयोजन मात्र नहीं है, बल्कि यह बदलते दौर में सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारे और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का एक ऐतिहासिक माध्यम बनेगी। पदयात्रा से जुड़े हर छोटे-बड़े पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। आइए देखते हैं टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की इस रिपोर्ट में।
2026-05-24





