सनातन संस्कृति, राष्ट्र चेतना और हिंदू एकता के महान संकल्प के साथ 1 जून को गोविंदगढ़ (जेवर) से पावन धाम वृंदावन तक विशाल सनातन पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक यात्रा में देशभर से पधारे महामंडलेश्वर, अखाड़ा प्रमुख, धर्माचार्य, सन्यासी, कथावाचक, सनातन प्रेमी युवा, समाजसेवी एवं हजारों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। ढोल-नगाड़े, बैंड, डीजे और मनमोहक झांकियों के साथ श्रद्धालु पैदल, मोटरसाइकिल, स्कूटर, बस, ट्रॉली व ट्रैक्टरों से आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में एकत्र हुए। सनातनियों का यह विशाल हजूम सनातन की रक्षा और प्रचार के पावन उद्देश्य से वृंदावन रवाना हुआ। मार्ग में धर्म प्रेमियों ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का भव्य स्वागत किया, वहीं गांव के लोगों ने बुलडोजर से भी पुष्प वर्षा की। उत्तर प्रदेश प्रशासन और पुलिस द्वारा व्यापक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। पूरा क्षेत्र ‘जय श्री राम’ के गगनचुंबी नारों से गूंज उठा। जेवर के माननीय विधायक भी यात्रा में सम्मिलित हुए। पदयात्रियों के लिए जगह-जगह भोजन प्रसाद, हलवा प्रसाद और मीठे पानी की छबील का प्रबंध किया गया था। मार्ग में धर्म प्रेमियों ने चाय, पानी और नाश्ते की भी व्यवस्था की। इस पावन यात्रा के आयोजन एवं प्रचार-प्रसार में सन्नी चौधरी, प्रदीप ढाका एवं मन्नू पहाड़ी ने सक्रिय भूमिका निभाई और सनातन संस्कृति के इस महाअभियान को जन-जन तक पहुंचाने में निरंतर सहयोग दिया। प्रख्यात उद्योगपति, समाजसेवी एवं गोयल मेडिकोज के संस्थापक डॉ. बसंत गोयल भी इस यात्रा में सहभागी बने और सनातन संस्कृति के संरक्षण व राष्ट्र जागरण के अभियान को भरपूर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का माध्यम नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन संस्कृति, धार्मिक आस्था और हिंदू समाज की एकता का प्रतीक है। “एक ध्येय, एक मंत्र, एक संकल्प” के संदेश के साथ निकली यह पदयात्रा समाज में धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करेगी। गोविंदगढ़ से प्रारंभ होकर जेवर, हमीदपुर, टप्पल, कंसेरा, बाजना, नोहझील और माट होते हुए वृंदावन पहुंचने वाली यह यात्रा हर पड़ाव पर सनातन मूल्यों, एकता और भाईचारे का संदेश देगी। डॉ. बसंत गोयल ने युवाओं से आह्वान किया कि जब समाज धर्म और राष्ट्र के लिए एकजुट होता है, तभी सशक्त भारत का निर्माण होता है। यह यात्रा आने वाली पीढ़ियों को अपनी संस्कृति पर गर्व करने की प्रेरणा देगी। आइए देखते हैं टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना की इस रिपोर्ट में
2026-06-01



