रोजगार और कौशल का मजबूत केंद्र बनकर उभरी DSEU; 20 से अधिक कैंपसों में 15 हजार छात्र ले रहे हैं शिक्षा: डॉ. पंकज लाठर

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नई दिल्ली, द्वारका: देश और दुनिया में रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए अब डिग्री से ज्यादा कौशल (स्किल्स) का महत्व बढ़ गया है। इसी दिशा में दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (DSEU) युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने का एक बेहतरीन कार्य कर रही है। वर्तमान में विश्वविद्यालय के 20 से अधिक अत्याधुनिक कैंपसों के माध्यम से प्रतिवर्ष 15 हजार से अधिक विद्यार्थी विभिन्न तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों का लाभ उठाकर अपने भविष्य को संवार रहे हैं।

उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, युवाओं को रोजगार योग्य बनाना है

डीएसईयू के डायरेक्टर (पब्लिक रिलेशन्स) डॉ. पंकज लाठर ने विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं को साझा करते हुए कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य केवल कागजी डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को पूरी तरह से रोजगार योग्य (Job Ready) बनाना है। इसके लिए छात्रों को केवल किताबी ज्ञान न देकर प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, एडवांस वर्कशॉप, इंडस्ट्री विजिट, अप्रेंटिसशिप और लाइव प्रोजेक्ट्स से सीधे जोड़ा जाता है, ताकि वे बाजार की व्यावहारिक बारीकियों को समझ सकें।

मजबूत ‘इंडस्ट्री कनेक्ट’ और एडवांस कोर्सेज हैं ताकत

विश्वविद्यालय की सबसे बड़ी ताकत इसका मजबूत ‘इंडस्ट्री कनेक्ट’ है। डॉ. लाठर ने बताया कि समय-समय पर उद्योगों की तात्कालिक जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रमों को अपडेट किया जाता है। DSEU में आज के दौर के सबसे मांग वाले कोर्सेज जैसे—आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, रोबोटिक्स, कंप्यूटर साइंस के साथ-साथ इंजीनियरिंग, बी-टेक, डिप्लोमा, हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी, डिजिटल मीडिया, बैंकिंग, फाइनेंस और लॉजिस्टिक्स जैसे अनेक रोजगारोन्मुखी कोर्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा छात्रों की करियर काउंसलिंग और सॉफ्ट स्किल्स पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।

‘skill India’ और ‘make in India’ को मिल रही है मजबूती

डॉ. पंकज लाठर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘स्किल इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण कदम है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली सरकार भी मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता और कौशल विकास मंत्री श्री आशीष सूद के नेतृत्व में युवाओं को कौशल आधारित शिक्षा और सम्मानजनक रोजगार से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि डिप्लोमा और तकनीकी शिक्षा आज के उद्योगों की रीढ़ है, जो कम खर्च में बेहतर करियर का अवसर देती है।

प्लेसमेंट सेल दे रहा है युवाओं के सपनों को उड़ान

विश्वविद्यालय का समर्पित प्लेसमेंट सेल देश की विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ मिलकर नियमित रूप से कैंपस प्लेसमेंट अभियान आयोजित करता है। छात्रों को कंपनियों के मापदंडों पर खरा उतारने के लिए इंटरव्यू की तैयारी, बेहतरीन रिज्यूमे लेखन, कम्युनिकेशन स्किल और प्रोफेशनल व्यवहार का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। डॉ. लाठर ने अंत में युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि यदि वे अपने भविष्य को सुरक्षित और सफल बनाना चाहते हैं, तो उन्हें समय की मांग को पहचानकर कौशल आधारित शिक्षा को अपनाना चाहिए।

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