दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा संचालित अंतरराज्यीय आतंकी एवं अवैध हथियार नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पंजाब के तीन तथा दिल्ली से एक सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपियों नाम पंजाब के तरनतारन निवासी शुभदीप सिंह उर्फ विशाल उम्र 23 वर्ष है। दूसरा आरोपी गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि (22 वर्ष), तीसरा आरोपी अमृतसर निवासी साजन सिंह उर्फ हनी (28 वर्ष) तथा चौथा आरोपी फतेहगढ़ साहिब निवासी गगनप्रीत (24 वर्ष) के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से दो विदेशी निर्मित पिस्टल, नौ जिंदा कारतूस तथा पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक को दिल्ली में पुलिस प्रतिष्ठानों एवं धार्मिक स्थलों की रेकी करने तथा फायरिंग की वारदात को अंजाम देने का जिम्मा सौंपा गया था।
स्पेशल सेल की एनडीआर यूनिट के निरीक्षक सतीश राणा एवं निरीक्षक अशोक के नेतृत्व में, एसीपी विवेक कुमार त्यागी के पर्यवेक्षण में यह अंतरराज्यीय अभियान चलाया गया। गुप्त सूचना एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर दिल्ली और पंजाब में कई स्थानों पर छापेमारी कर इस नेटवर्क का खुलासा किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता एवं (Arms Act) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच जारी है। बताया जाता हैं कि जांच के दौरान सबसे पहले अमृतसर के मजीठा रोड क्षेत्र से शुभदीप सिंह को गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस तथा दो मोबाइल फोन बरामद हुए। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह पाकिस्तान स्थित आईएसआई हैंडलर शहजाद भट्टी और उसके सहयोगियों के संपर्क में था तथा ड्रोन के माध्यम से पाकिस्तान से हथियार एवं मादक पदार्थों की खेप प्राप्त करता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह विदेशी मोबाइल नंबरों का उपयोग कर रहा था, जो उसे पाकिस्तानी हैंडलरों द्वारा उपलब्ध कराए गए थे। बताया जाता हैं कि शुभदीप के दो अन्य सहयोगियों गुरजंत सिंह उर्फ ऋषि एवं साजन सिंह उर्फ हनी को पंजाब से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से एक विदेशी निर्मित जिगाना पिस्टल, चार जिंदा कारतूस तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी भी विदेशी नंबरों के माध्यम से आईएसआई हैंडलरों के संपर्क में थे और पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार एवं नशीले पदार्थों की खेप प्राप्त करने का काम करते थे।
जांच के दौरान चौथे आरोपी गगनप्रीत को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। जांच में खुलासा हुआ कि उसे पाकिस्तान स्थित हैंडलरों द्वारा दिल्ली के पुलिस थानों, पुलिस पिकेटों एवं धार्मिक स्थलों की वीडियो रिकॉर्डिंग और रेकी करने का कार्य सौंपा गया था। साथ ही उसे दिल्ली में पुलिस प्रतिष्ठानों पर फायरिंग जैसी आतंकी वारदात को अंजाम देने के निर्देश भी दिए गए थे।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शुभदीप सिंह एवं साजन सिंह पहले भी पंजाब पुलिस द्वारा एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में गिरफ्तार किए जा चुका हैं। स्पेशल सेल अब इस पूरे नेटवर्क, इसके अन्य सहयोगियों, पाकिस्तान स्थित हैंडलरों तथा भारत में मौजूद उनके संपर्कों की गहन जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने अब तक कितनी हथियार एवं मादक पदार्थों की खेप प्राप्त की और किन किन लोगों तक उनकी आपूर्ति की गई। पुलिस मामले की जाँच में जुट गई है। टोटल ख़बरें क्राइम डेस्क रिपोर्ट दिल्ली ।
2026-07-02



