J C B India Ltd. के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ एक JCB डीलरशिप से जुड़े कथित धोखाधड़ी, वित्तीय अनियमितता और वसूली के मामले में न्यायालय के आदेश पर FIR दर्ज की गई है। इस संबंध में शिकायतकर्ता के अधिवक्ता ने सोमवार को मीडिया को मामले की विस्तृत जानकारी दी।
जानकारी के अनुसार अधिवक्ता ने बताया कि आरोप है कि JCB India के अधिकारियों ने डीलरों से डीलरशिप एग्रीमेंट का प्रतिवर्ष नवीनीकरण करने के एवज में अवैध धन की मांग की। शिकायतकर्ता ने डीलरशिप के लिए जमीन, इंफ्रास्ट्रक्चर और मशीनरी में लगभग 50 करोड़ रुपये का निवेश किया था। आरोप है कि कंपनी प्रत्येक वर्ष केवल एक वर्ष के लिए ही एग्रीमेंट करती थी।
वर्ष 2025 में बिना किसी कारण बताए और बिना शो कॉज नोटिस के डीलरशिप एग्रीमेंट को अचानक समाप्त कर दिया गया, जिससे निवेशक को भारी आर्थिक नुकसान हुआ। पीड़ित पक्ष ने पहले संबंधित थाने और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके पश्चात शिकायतकर्ता ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) के अंतर्गत न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर किया।
न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। कोर्ट के आदेश के अनुपालन में FIR दर्ज होने के बाद 25 जुलाई को आरोपित अधिकारियों की गिरफ्तारी भी की गई। अधिवक्ता ने कहा कि मामले से संबंधित सभी दस्तावेज जांच अधिकारी को उपलब्ध करा दिए गए हैं और इन्हें न्यायालय में भी प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य मामले के तथ्यों को पारदर्शी रूप से मीडिया और जनता के समक्ष रखना था। अधिवक्ता ने कहा कि कानून के दायरे में रहकर पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए आगे भी सभी कानूनी विकल्प अपनाए जाएंगे।




