सीएम केजरीवाल को इंसुलिन न देकर मारना चाहती है भाजपा और मोदी सरकार- संजय सिंह

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  • शुगर जानलेवा बीमारी है, जो किसी की जान भी ले सकती है, किसी मरीज को इंसुलिन न देना एक आपराधिक कृत्य है- संजय सिंह
  • भाजपा ने केजरीवाल को न एम्स में दिखाया और न डॉक्टरों ने मेडिकल हिस्ट्री देखी तो डाइट चार्ट कैसे बनवा लिया?- संजय सिंह
  • दुनिया का कोई भी डॉक्टर मरीज का वजन और मेडिकल हिस्ट्री बिना देखे उसकी डाइट चार्ट नहीं लिख सकता है- संजय सिंह
  • भाजपा ने अपनी साजिश में एम्स जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल को भी शामिल कर लिया, अगर एम्स में दिखाया है तो कागज दिखाए- संजय सिंह
  • कुख्यात अपराधियों को भी बीमार होने पर एम्स में दिखाया जाता है, लेकिन सीएम केजरीवाल के जीवन से खिलवाड़ किया जा रहा है – संजय सिंह
  • अरविंद केजरीवाल का शुगर लेवल 12 अप्रैल को 320, 13 को 270, 14 को 300, 15 को 300, 16 को 250 और 17 को 250 था- संजय सिंह

आम आदमी पार्टी ने जेल में सीएम अरविंद केजरीवाल के जीवन के साथ खिलवाड़ करने की साजिश रचने पर भाजपा को एक बार फिर बेनकाब कर दिया। शनिवार को ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल पिछले 20 साल से इंसुलिन ले रहे हैं, लेकिन जेल में उनको इंसुलिन नहीं दी जा रही है। भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अरविंद केजरीवाल को जान से मारना चाहते हैं? हम ये बात इसलिए बार-बार कह रहे हैं, क्योंकि शुगर जानलेवा बीमारी है, जो किसी की जान भी ले सकती है। इसलिए किसी मरीज को इंसुलिन न देना एक आपराधिक कृत्य है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सीएम केजरीवाल को न एम्स में दिखाया और न डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल हिस्ट्री देखी, तो उसने उनकी डाइट चार्ट कैसे बनवा लिया? जबकि दुनिया का कोई भी डॉक्टर मरीज का वजन और मेडिकल हिस्ट्री बिना देखे डाइट चार्ट नहीं लिख सकता है। अगर उसने केजरीवाल को एम्स में दिखाया है तो कागज दिखाए। भाजपा ने अपनी साजिश में एम्स जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल को भी शामिल कर लिया।

आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता कर जेल में सीएम अरविंद केजरीवाल को दी जाने वाली डाइट पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को दिल्ली और देश की जनता के सामने रखा। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2024 को सीएम अरविंद केजरीवाल न्यायिक हिरासत में भेजा गया। उस दिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में साफ-साफ कहा था कि अरविंद केजरीवाल को जेल में ग्लूकोज, केला, टॉफी समेत अन्य खाने की वस्तुएं उपलब्ध कराई जाए। मैं हैरान हूं कि मुख्य धारा की मीडिया ने सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश को एक बार भी नहीं दिखाया, ताकि देश की जनता को सच पता चल सके और भाजपा की ईडी का झूठ उनके सामने आ सके।

सांसद संजय सिंह ने कहा कि कुछ दिनों पहले ही उनका शुगर लेवल गिरकर 45 तक चला गया था। अरविंद केजरीवाल 20 साल से इंसुलिन ले रहे हैं और पिछले 30 साल से शुगर के मरीज हैं। आखिर यह सच देश की जनता से क्यों छिपाया जा रहा है? इसलिए आम आदमी पार्टी बार-बार यह कह रही हैं कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अरविंद केजरीवाल के खिलाफ यह गहरी साजिश है और अरविंद केजरीवाल को जान से मारना चाहते हैं। क्योंकि शुगर जानलेवा बीमारी है, यह किसी की जान भी ले सकती है। इसके मरीज को इंसुलिन न देना एक आपराधिक कृत्य है।

उन्होंने कहा कि यह सबको मालूम है कि शुगर के मरीज को समय पर इंसुलिन नहीं मिला या उसका शुगर घट गया, तो उसे तत्काल ग्लूकोज या कुछ मीठा खाने के लिए दिया जाना चाहिए, ताकि शुगर लेवल स्थिर रखा जा सके। अगर मरीज को तत्काल ग्लूकोज या कुछ मीठा खाने के लिए नहीं मिला तो उसके साथ कोई भी घटना हो सकती है। इसलिए कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को ग्लूकोज, केला, टॉफी देने का आदेश दिया है। यह कितना हास्यप्रद है कि अरविंद केजरीवाल को 48 बार खाना दिया गया है। इसमें से अगर एक बार उनके लिए आलू-पूड़ी का प्रसाद दे दिया गया तो दिनभर मीडिया में आलू-पूड़ी की चर्चा चल रही है।

सांसद संजय सिंह ने भाजपा की साजिश पर हैरानी जताते हुए कहा कि ये लोग एम्स का डाइट चार्ट लेकर आ गए। पूरी दुनिया में कहीं भी मरीज को बिना देखे, उसकी डाइट नहीं लिखी जाती। एम्स जैसे अस्पताल में ये संभव नहीं है। अरविंद केजरीवाल की मेडिकल हिस्ट्री नहीं देखी गई, न उनक वजन की जांच की गई, न ही उनकी बीमारी की जांच हुई। उनसे ये भी नहीं पूछा गया कि उन्हें किन चीजों से परहेज है। इसके बावजूद भाजपाई अरविंद केजरीपवाल का एम्स से डाइट चार्ट बनवाकर लेकर आ गई। दुनिया का कोई भी डॉक्टर मरीज हिस्ट्री व वजन देखे बिना या जांच किए बिना उसकी डाइट नहीं लिखता है। भाजपाइयों की साजिश का खुलासा हो गया है। भाजपा के लोग देश के सामने पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं। भाजपा ने अब तो इसमें एम्स जैसे प्रतिष्ठित अस्पताल को भी शामिल कर लिया। अगर इन्होंने अरविंद केजरीवाल को एम्स में दिखाया है तो उसके कागज दिखाएं। भाजपा ने जब अरविंद केजरीवाल को एम्स में दिखाया ही नहीं, डॉक्टरों ने उनकी मेडिकल हिस्ट्री को जाना ही नहीं, तो भाजपा ने उनका डाइट चार्ट कैसे बनवा लिया? भाजपा अरविंद केजरीवाल के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। कुख्यात से कुख्यात अपराधी को सीने में दर्द होने पर उसे एम्स लेकर जाया जाता है। कोरोना के समय भी लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती थे।

संजय सिंह ने कहा कि 12 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल की शुगर 320 थी, 13 अप्रैल को 270, 14 अप्रैल को 300, 15 अप्रैल को 300, 16 अप्रैल को 250, और 17 अप्रैल को उनका शुगर 280 था। ऐसी स्थिति में एक व्यक्ति जो पिछले करीब 30 साल के शुगर का मरीज है, जिसको 24 घंटे में 54 यूनिट इंसुलिन लेनी पड़ती थी, उसे इंसुलिन नहीं दिया जा रहा है। एक सवाल के जवाब में संजय सिंह ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के पास ग्लूकोमीटर है। मेरे पास भी था। कोर्ट ने इसकी इजाजत दी है। उस ग्लूकोमीटर से आप किसी भी समय अपने शुगर की जांच कर सकते हैं। सुबह से रात तक कभी भी यह ग्लूकोमीटर तुरंत रीडिंग बता देगा। उसमें पूरी हिस्ट्री भी होती है।

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