एक तरफ़ जहाँ कलकत्ता के एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या के विरोध में देश भर में आंदोलन चल रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ़ पश्चिम बंगाल कीं एक लड़की के साथ हुए दुर्व्यवहार पर आधारित फ़िल्म जिसका नाम द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल जो कि 30 अगस्त को रिलीज़ होने वाली, शनिवार को दिल्ली के कनॉट प्लेस में स्थित पीवीआर प्लाजा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जानकारी देते हुए फ़िल्म के निर्माता वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र सिंह कहा राज्य में सरकार विफल साबित हो रही है एक लड़की के साथ पहले अन्याय हुआ था उसी पर आधारित एक वास्तविक कहानी
फिल्म में हमने एक सच्ची बलात्कार घटना को दिखाया है। हमने पूरी शूटिंग कोलकाता में की है और उसी तरह के घटनाओं से इस समय कोलकाता फिर जल रहा है। अब फिर एक मामले में महिला डॉक्टर के साथ बलात्कार और हत्या की कि वारदात होने से राज्य में क़ानून व्यवस्था का बुरा हाल है। फ़िल्म के निर्माता वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र सिंह साथ अभिनेत्री आश्मिन मेहता और अभिनेता यजुर मारवाह भी मौजूद थे पहले से ही विवादों में घिरी यह फिल्म अपने बोल्ड कंटेंट और सामाजिक-राजनीतिक वास्तविकताओं के बेबाक चित्रण के लिए काफी ध्यान आकर्षित कर रही है। सच्ची घटनाओं पर आधारित इस फिल्म के बारे में वसीम रिजवी उर्फ जितेंद्र सिंह ने बताया कि कट्टरपंथियों के सोच पर आधारित जानकारी देते हुए बताया कि कोलकाता पुलिस द्वारा वसीम रिज़वी, जितेंद्र नारायण सिंह को तलब किया जाना और भी आग में घी डालने जैसा साबित हो रहा है। आइए देखते हमारे वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना इस विशेष कोर्ट में।
द डायरी ऑफ वेस्ट बंगाल” उन कठोर वास्तविकताओं का प्रतिबिंब है जिनका सामना इस क्षेत्र में कई लोगों को करना पड़ता है, और इसका उद्देश्य विचारोत्तेजक और चर्चा को प्रोत्साहित करना है, न कि अशांति फैलाना। बांग्लादेश और कोलकाता दोनों में चल रहे अशांति और सामाजिक-राजनीतिक घटनाक्रम फिल्म के संदेश को और अधिक गहराई देते हैं, जिससे यह समकालीन मुद्दों का एक सटीक प्रतिबिंब बन जाती है। टोटल ख़बरें दिल्ली से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट।







