अगर आप डायबिटीज़ के शिकार हैं या आप डायबिटीज़ से किसी तरह की शिकायत होने का संदेह लग रहा है। आप डायबिटीज़ से अपना बचाव कर सकते हैं। ये हम नहीं बल्कि यह दावा इप्का लेबोरेटरीज़ लिमिटेड ने नोवालीड फार्मा प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा किया जा रहा है। भारत में डायबिटिक फुट अल्सर (डी.एफ.यू.) के इलाज के लिए डायल्कस लॉन्च किया है। नोवालीड फार्मा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित डायल्कस क्लिनिकल परीक्षण होने की बात कही जा रही है। जो 12 सप्ताह के बाद 60.30% अल्सर खत्म होने की दर और 24 सप्ताह के बाद 77.20% खत्म होने दावा किया जा रहा है। दिल्ली के प्रयास क्लब ऑफ़ इंडिया में मंगलवार को प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया गया कि भारत में बिक्री और वितरण के लिए सी.डी.एस.सी.ओ. द्वारा स्वीकृत डायल्कस® को भारत सरकार के संगठन बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउन्सिल (बी.आई.आर.ए.सी.) द्वारा फंड प्रदान किया गया है। बताया जाता है कि अध्ययन के अनुसार, भारत में लगभग 10 करोड़ लोग डायबिटीज़ (मधुमेह) से पीड़ित हैं, जबकि अन्य 13.6 करोड़ प्री-डायबिटीज़ के खतरे से जूझ रहे हैं। ये आँकड़ें बेहद चिंताजनक हैं, जो वर्ष 2030 तक भारत को विश्व में डायबिटीज़ का गढ़ बना देंगे।
इस गंभीर स्वास्थ्य चुनौती के जवाब में, इप्का लेबोरेटरीज़ लिमिटेड ने एक नया प्रोडक्ट डायल्कस® (Diulcus®) लॉन्च किया है। इस नॉवेल प्रोडक्ट का उद्देश्य भारत के लोगों में होने वाले डायबिटिक फुट अल्सर (डी.एफ.यू.) की चुनौतियों का समाधान करना है। डायल्कस® को नोवालीड (NovaLead) फार्मा प्राइवेट लिमिटेड द्वारा विकसित किया गया है। यह दवा पुनः प्रायोजित (रिपर्पसड)की गयी है। डायबिटिक फुट अल्सर के उपचार के लिए ,जो डी.एफ.यू. के प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रोडक्ट सेंट्रल ड्रग्स स्टैण्डर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइज़ेशन (सी.डी.एस.सी.ओ.) द्वारा स्वीकृत है, जिसे भारत सरकार के संगठन बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्री रिसर्च असिस्टेंस काउन्सिल (बी.आई.आर.ए.सी.) द्वारा फंड प्रदान किया गया है। इस लॉन्च मौक़े पर प्रबंध निर्देशक अजीत जैन , डॉक्टर ए.पी.एस. सूरी , डॉक्टर अचिंत्य शर्मा , डॉक्टर अनिल पारीक , सुनील घई , सुप्रीत देशपांडे सहित कई प्रतिष्ठित लोग उपस्थित थे। बताया जाता है कि भारत में चरण 3 के परीक्षणों में, डायल्कस द्वारा तीन महीने के उपचार के बाद 60.3% लोगों में अल्सर खत्म होने की दर के साथ प्रभावशाली परिणाम देखने को मिले। इससे भी अधिक उल्लेखनीय बात यह है कि तीन महीने के बाद उपचार रोकने के बावजूद, मरीजों ने छह महीने में 77.20% लोगों में अल्सर खत्म होने की दर हासिल की। ये परिणाम डी.एफ.यू. उपचार में फार्मास्युटिकल तैयारी के लिए अब तक देखे गए सबसे अच्छे परिणामों में से एक हैं। प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए कहा कि डायबिटीज़ के 10% से अधिक मरीजों को अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार डायबिटिक फुट अल्सर (डी.एफ.यू.) का सामना करना पड़ता है, जो इसे अनियंत्रित डायबिटीज़ से उत्पन्न होने वाली सबसे प्रचलित जटिलता बना देता है। इस पेटेंटयुक्त पुनः निर्मित दवा की मंजूरी इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि डी.एफ.यू. भारत में 80% से अधिक डायबिटिक फुट के विच्छेदन के लिए जिम्मेदार है। भारत में डी.एफ.यू. के मरीजों के लिए डायल्कस को पेश करके बेहद खुश हैं। साथ ही, आई.पी. लाइसेंसिंग समझौते के माध्यम से नोवालीड फार्मा प्राइवेट लिमिटेड के साथ साझेदारी करके खुद को गर्वित महसूस कर रहे हैं। यह इप्का की अधूरी चिकित्सा आवश्यकताओं वाले मरीजों की सहायता करने की प्रतिबद्धता और डायबिटीज़ के उपचार पर इसके फोकस को उजागर करता है। आइए देखते हैं टोटल ख़बरें के संवाददाता कि इस रिपोर्ट में प्रेस वार्ता में मीडिया से बात करते हुए में क्या कहा
आपको बता दें कि डायल्कस न्यूरोपैथिक या न्यूरोइस्किमिक गैर-संक्रामक अल्सर के इलाज के लिए एक प्रिस्क्रिप्शन दवा है, जिसमें हड्डी, टेंडन या कैप्सूल शामिल नहीं होते हैं। एक डॉक्टर स्वतंत्र रूप से डायबिटिक फुट अल्सर (डी.एफ.यू.) का आकलन करेगा। डायल्कस को घाव की सतह पर जेल की एक पतली परत के रूप में लगाया जाता है। उपचार करने वाले चिकित्सकों को सलाह दी जाती है कि वे डायल्कस की संपूर्ण निर्धारित जानकारी देखें। ब्यूरो रिपोर्ट टोटल ख़बरें दिल्ली







