उच्च शिक्षा और रोज़गार ये दोनों आज युवाओं के लिए समय की ज़रूरत है। क्योंकि एक तरफ़ युवा उच्च शिक्षा पूरन करने के बाद रोज़गार का विकल्प भी साथ में तलाशता है। इसे लेकर युवा एक अच्छा शिक्षण संस्थान की खोज में रहता है और दूसरा शिक्षण संस्थान से शिक्षा पूरन होने के बाद वे रोज़गार तलाशने में जुट जाते हैं। लेकिन समस्या तब आती है जब युवाओं को रोज़गार के लिए भटकना पड़ता है। क्यों ना युवाओं को शिक्षा पूर्ण करने के बाद वे दूसरों को रोज़गार देने के लिए सक्षम बने। ये भी एक सोचने का विषय है। जोकि एक अच्छा प्रयास कहा जा सकता है। जी हाँ नोएडा सेक्टर 62 के ए ब्लॉक मैं स्थित हाई रैंक कॉलेज जो कि यह दावा करते हैं कि वे विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा पूरन होने के बाद डिग्री या डिप्लोमा के साथ रोज़गार उपलब्ध कराने के लिए सक्षम बनाए जाने का भी दावा करते हैं। इसके लिए पढ़ाई के साथ विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाता है। हाई रैंक कॉलेज के चेयरमैन प्रोफेसर राजेश चंद्र सहाय ने मीडिया को संबोधित करते हुए दावा किया कि उनके कॉलेज में पढ़ाई के साथ रोज़गार के अवसर भी उपलब्ध कराने के विकल्प खुले हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि बहुत से ऐसे उद्योगों में उनके कॉलेज से पढ़ने के बाद रोज़गार में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनके कॉलेज का अब उन्नीसवाँ बैच प्रारंभ हो चुका है। कॉलेज के चेयरमैन का मानना है कि डिग्री या डिप्लोमा लेने के बाद युवाओं को रोज़गार के लिए भटकना पड़ता है। समय बर्बाद न हो इसलिए वे अपनी शैक्षणिक पढ़ाई पूरी करने के बाद तुरंत रोज़गार में जुट जाएं और दूसरों को भी रोज़गार उपलब्ध कराए हैं। जोकि एक अच्छा सकारात्मक पहल है। हाई रैंक कॉलेज के चेयरमैन प्रोफेसर राजेश चंद्र सहाय ने कहा कि शैक्षणिक पढ़ाई के साथ कुछ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाए ताकि जब युवा कोर्स करने के बाद कॉलेज से जाए तो वह रोज़गार पाने वाले न होकर बल्कि रोज़गार देने वाला बन कर जाए। शिक्षण संस्थानों देखने को मिलता हैं लेकिन शिक्षा पूरी होने के बाद युवा डिग्री या सर्टिफ़िकेट लेकर रोज़गार के लिए संघर्ष करना पड़ता है। जो की आज के समय में बड़ा कठिन होता जा रहा है क्यों ना युवाओं को शिक्षा के साथ उन्हें रोज़गार देने वाला सक्षम बनाया जाए। टोटल ख़बरें के वरिष्ठ संवाददाता राजेश खन्ना ने मीडिया संबोधन के दौरान हाई रैंक कॉलेज के चेयरमैन प्रोफेसर राजेश चंद्र सहाय से बात करी इस पर उन्होंने क्या कहा देखी हमारे संवाददाता कि इस रिपोर्ट में।
आपको बता दें कि हाई रैंक कॉलेज में BBA, MBA , BCA , MCA कोर्स उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों के लिए सुझाव है कि जब भी आप किसी भी कॉलेज में दाख़िला ले अच्छी तरह कोर्सेस और कोर्स की मान्यता को आशा समझ लें और job seeker के स्थान पर जॉब creator बनने का प्रयास करें। टोटल ख़बरें नोएडा से राजेश खन्ना की विशेष रिपोर्ट।




