प्रयागराज, 08 अगस्त 2026 | लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और उद्योगपति गौतम अडानी के गठजोड़ पर तीखा हमला बोला है। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान युवाओं को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश का मौजूदा सिस्टम युवाओं को रोजगार, शिक्षा और अवसरों से वंचित कर एक ‘चक्रव्यूह’ में फंसा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी व्यवस्था भाजपा-आरएसएस, मोदी-शाह और अडानी के व्यावसायिक तथा राजनीतिक हितों को साधने के लिए काम कर रही है।
“10 साल में अडानी की दौलत 30 गुना बढ़ी, युवाओं के पास सिर्फ डिग्री का कागज”
राहुल गांधी ने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि बीते 10 वर्षों में जहां अडानी की दौलत 30 गुना बढ़ गई और भाजपा का बैंक बैलेंस 150 करोड़ रुपये से बढ़कर 10,000 करोड़ रुपये हो गया, वहीं देश के आम युवाओं की स्थिति दयनीय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि आज देश में प्रति 1,000 युवाओं में से केवल 12 लोगों को ही पक्की नौकरी मिल पा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों में आरएसएस के प्रचारकों को बैठाकर देश की सोच पर नियंत्रण करने का प्रयास किया जा रहा है। लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी युवाओं के हाथ में केवल एक डिग्री का सर्टिफिकेट आता है, जो रोजगार की कोई गारंटी नहीं देता। लगातार हो रहे पेपर लीक और प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली ने युवाओं के भविष्य को अधर में लटका दिया है।
सार्वजनिक उपक्रमों में घटीं आधी नौकरियां, छोटे उद्योग बदहाल
रोजगार के संकट को रेखांकित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) में वर्ष 2014 में जहां 14 लाख नौकरियां थीं, वहीं अंधाधुंध निजीकरण के कारण 2024 तक यह संख्या घटकर केवल 7 लाख रह गई है। इसके अलावा, देश के 90 प्रतिशत छोटे और मध्यम उद्योगों को बैंकों से लोन नहीं मिल पा रहा है, जबकि ये उद्योग रोजगार सृजन की रीढ़ होते हैं। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में चीनी उत्पादों के बढ़ते प्रभुत्व पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ का विजन अब गायब हो चुका है।
“डाटा और दर्द युवाओं का, दौलत पर कॉरपोरेट का कब्जा”
21वीं सदी की अर्थव्यवस्था का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत के 40 करोड़ युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। युवा और उनका डाटा इस नई अर्थव्यवस्था का मूलमंत्र है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं का डाटा छीनकर बड़ी कॉरपोरेट कंपनियों को सौंपा जा रहा है, जबकि युवाओं को रील्स और सोशल मीडिया के ‘नये नशे’ में धकेला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सम्मानजनक नौकरियां देने के बजाय युवाओं को डिलीवरी और राइड-शेयरिंग सेवाओं में काम करने या मजदूरी करने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “आज डाटा और दर्द युवाओं का है, लेकिन दौलत पर कब्जा अडानी जैसे उद्योगपतियों और सत्ताधीशों का है।”
प्रयागराज से भावनात्मक जुड़ाव और छात्रों के कड़वे अनुभव
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने प्रयागराज के साथ अपने परिवार के ऐतिहासिक संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय कभी ज्ञान का प्रमुख केंद्र हुआ करता था, लेकिन आज इसकी स्थिति चिंताजनक है।
कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी ने मंच पर उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न छात्रों को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली, लगातार होते पेपर लीक और छात्र आंदोलनों पर पुलिस द्वारा की गई बर्बरता के कड़वे अनुभव साझा किए।
सत्य और अहिंसा के रास्ते से बदलेगा भ्रष्ट सिस्टम
छात्र आंदोलनों की सराहना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि युवाओं ने डर का सामना कर इस सिस्टम के अंधेरे में रोशनी की मशाल जलाई है। उन्होंने आह्वान किया कि हिंदुस्तान की संस्कृति सत्य, प्रेम और अहिंसा की है। भाजपा-आरएसएस और अडानी के इस भ्रष्ट सिस्टम को अब नफरत से नहीं, बल्कि मोहब्बत और एकजुटता के रास्ते से खत्म करने का समय आ गया है।






