यमुना नदी ने किया खतरे के निशान को पार; केजरीवाल सरकार द्वारा राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी

Listen to this article

-यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने यमुना के किनारे बुराड़ी पुस्ता से पल्ला तक स्थिति का जायजा लिया

-सिंचाई एवम बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश

-पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने विधायक संजीव झा और दुर्गेश पाठक के साथ प्रधान एन्क्लेव पुस्ता, बुराड़ी स्थित राहत शिविर का किया दौरा

-यमुना के निचले इलाकों में से लोगों को निकालने के लिए कार्य किया जा रहा है , सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे पुख्ता कदम- गोपाल राय

-बाढ़ राहत शिविरों में रहने,खाने-पीने,शौचालय, मेडिकल सहित सभी जरूरी सुविधाएँ सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देश – गोपाल राय

-1978 के बाद पहली बार यमुना के जलस्तर ने किया खतरे के निशान को पार – गोपाल राय

-पिछले तीन दिनों से नहीं हुई दिल्ली मे बारिश, हथिनिकुंड बैराज से लाखों क्यूसेक छोड़े जा रहे पानी के कारण खतरे के निशान को पार कर गई यमुना-गोपाल राय

-मैं दिल्लीवासियों से अपील करता हूँ की यमुना से सटे इलाको वाले रास्तो का उपयोग करने से बचे – गोपाल राय

हरियाणा के हथिनी कुंड से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से दिल्ली में बाढ़ के हालात बन गए हैं। यमुना के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर आज पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने यमुना नदी से सटे प्रधान एन्क्लेव पुस्ता, बुराड़ी स्थित राहत शिविरों का जायज़ा लिया | साथ ही यमुना के किनारे बुराड़ी पुस्ता से पल्ला तक और रास्ते में हिरंकी ,रमजान पुर , मोहम्मदपुर आदि गांव के पास की स्थिति का भी जायजा लिया। हालातो को देखते हुए सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी को सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को यमुना के बढ़ते जलस्तर पर त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किये | साथ ही राहत शिविरों में ठहरे शरणार्थियों के लिए रहने,खाने-पीने,शौचालय, मेडिकल सहित सभी जरूरी सुविधाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है | प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को दिल्ली के अलग-अलग जिलों में बने शिविरों में स्थानांतरित किया जा रहा है। इस अवसर पर विधायक संजीव झा और दुर्गेश पाठक भी मौजूद रहे |

स्थिति का जायज़ा लेने के बाद पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मिडिया से बातचीत करते हुए बताया की पिछले तीन दिन से दिल्ली में बारिश नहीं हो रही है लेकिन हथिनिकुंड बैराज से लगातार लाखो क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जिसके कारण 1978 के बाद पहली बार दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चूका है| और आपदा की इस परिस्थिति में केजरीवाल सरकार ने हर तरह के खतरे से निपटने के लिए कमर कस ली है | बाढ़ के हालातो को देखते हुए आज हमने यमुना से सटे प्रधान एन्क्लेव पुस्ता , बुराड़ी स्थित राहत शिविर का जायज़ा लिया है | साथ ही राहत और बचाव कार्यो की तैयारियों की समीक्षा भी की गई है | यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए यहाँ सभी सम्बंधित विभागों के अधिकारियो को त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश जारी दिए गए है |

उन्होंने बताया की आपदा प्रभावित लोगो के लिए सरकार के रूप में हमारी जिम्मेदारी है की इससे प्रभावित होने वाले लोगों की मदद करे और उन्हें हर जरुरी सुविधाएँ मुहैया करवाए | इसी के चलते बाढ़ प्रभावित इलाको से लोगों को निकालने और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का कार्य तेजी से चल रहा है | केजरीवाल सरकार द्वारा आपदा प्रभावित लोगो के लिए करीबन 2700 राहत शिविरों की सुविधाएँ उपलब्ध की गई है | इन शिविरों में लोगों के रहने की, खाने-पीने, मेडिकल सहित अन्य तमाम व्यवस्था सुनिश्चित करने के अधिकारियो को निर्देश जारी किए जा चुके है | साथ ही जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि, सभी टीमें अलर्ट पर रहे और जरुरत पड़ने पर अतिरिक्त टीमें तैनात की जाए |

पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि, दिल्ली में यमुना के बढ़ते जलस्तर के कारण काफी पानी सड़को तक भी पहुंच गया है , ऐसे में मैं दिल्लीवासियों से अपील करता हूँ की वह यमुना से सटे इलाको वाली सड़को के उपयोग से बचे | साथ ही देखा जा रहा है की बाढ़ देखने के लिए भी लोग घर से बहार निकल रहे है , ऐसे में उनसे गुज़ारिश है की सरकार का साथ दे और बेवजह अपने घरो से न निकले | सरकार की ओर से राहत व बचाव के लिए बेहद पुख्ता इंतजाम किए हुए हैं।लेकिन आपदा की इस घड़ी में अपनी जान को जोखिम में न डाले |

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *