डीडीए की लापरवाही से नाले में गिर कर हुई मां-बेटे की मौत पर ‘‘आप’’ का जोरदार प्रदर्शन

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  • मयूर विहार फेस-3 में डीडीए के निर्माणाधीन नाले में डूबने से हुई मां-बेटे की मौत पर आक्रोशित ‘‘आप’’ कार्यकर्ताओं ने की एलजी के खिलाफ नारेबाजी
  • एलजी के अधीन डीडीए की लापरवाही के कारण मां-बेटे की जान चली गई, यह बेहद दुखद है, ये हादसा नहीं, हत्या है- कुलदीप कुमार
  • इस दुखद हादसे के बाद भी एलजी साहब ने डीडीए के दोषी अधिकारियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है- कुलदीप कुमार
  • डीडीए के दोषी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और एलजी साहब अपने पद से इस्तीफा दें- कुलदीप कुमार
  • एलजी साहब पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाएं और भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं- रोहित मेहरौलिया
  • अगर एलजी साहब ने राजेंद्र नगर की घटना के बाद अफसरों पर सख्त कार्रवाई की होती तो मयूर विहार में ऐसी घटना न होती- रोहित मेहरौलिया

दिल्ली के मयूर विहार फेस-3 में डीडीए के निर्माणाधीन नाले में गिर हुई मां-बेटे की दुखद मौत से आक्रोशित आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। ‘‘आप’’ विधायक कुलदीप कुमार और रोहित मेहरौलिया के नेतृत्व में घटना स्थल पर भारी संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं ने एलजी और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ता हाथ में एलजी इस्तीफा दो, दोषी अफसरों पर कार्रवाई करो समेत अन्य नारे लिखी तख्तियां लिए थे। इस दौरान कुलदीप कुमार ने कहा कि डीडीए की लापरवाही से महिला व उसके ढाई साल के बच्चे की जान गई है। यह हादसा नहीं, हत्या है, फिर भी एलजी साहब ने अभी तक दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। ‘‘आप’’ की मांग है कि इन पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए और एलजी साहब अपने पद से इस्तीफा दें। वहीं, रोहित मेहरौलिया ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।

कोंडली से “आप” विधायक कुलदीप कुमार ने कहा कि मयूर विहार फेज 3 में केरला स्कूल की रोड पर डीडीए का एक गहरा नाला है। कई बार कहने के बाद डीडीए ने इस नाले का पुनर्निर्माण शुरू किया था। लेकिन डीडीए के अधिकारियों ने इसमें जरा भी सावधानी नहीं बरती। ये नाला ढका नहीं गया था और न ही इसकी मास्किंग या बैरिकेडिंग की गई थी। जिसके परिणामस्वरूप जब जलभराव हुआ, तो एक मां और उसका बच्चा इस नाले को नहीं देख पाए। बच्चा नाले में गिर गया और जब उसकी मां उसे बचाने गई, तो वह भी नाले में गिर गई और दोनों की मौत हो गई। यह अत्यंत दुखद है कि डीडीए की लापरवाही के कारण एक मां और बेटे की जान चली गई।

कुलदीप कुमार ने कहा कि डीडीए सीधे एलजी साहब के अधीन है। वो दिल्ली जल बोर्ड और दिल्ली सरकार के काम में अड़चन डालते हैं, लेकिन डीडीए के कार्यों की निगरानी नहीं करते। एलजी साहब ने दिल्ली की जनता को परेशान किया है और उन्हें इस पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। वे केवल भाजपा के राजनीतिक एजेंडे पर काम कर रहे हैं। हमारी मांग है कि एलजी तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और डीडीए के दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज करवाएं। यह एक हादसा नहीं, हत्या है। इसके अलावा, पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए और उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। हम इस न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं।

वहीं, त्रिलोकपुरी से “आप” विधायक रोहित मेहरोलिया ने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर स्थित यह नाला डीडीए के अंतर्गत आता है। हम बुधवार रात को हुए हादसे में जान गंवाने वाले मां-बेटे के परिवार को न्याय दिलाने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं। हमारी मांग है कि इस परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए। डीडीए एलजी के अधीन आता है। भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए एलजी साहब को कड़े कदम उठाने होंगे। अगर उन्होंने राजेंद्र नगर की घटना के बाद सख्त कार्रवाई की होती और एमसीडी कमीश्नर समेत सभी दोषी अधिकारियों को निलंबित किया होता, तो आज यह घटना न होती।

रोहित मेहरोलिया ने आगे कहा कि दिल्ली में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी है कि एलजी साहब काम न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वो इन निकम्मे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें प्रोत्साहन देते हैं, उनका प्रमोशन करते हैं और उन्हें अच्छी जगह पर पोस्टिंग देते हैं। वहीं ईमानदार और काम करने वाले अधिकारियों को दंडित करते हुए दूर भेज दिया जाता है। लेकिन दिल्ली की जनता सब देख रही है और आगामी चुनाव में इसका हिसाब लेगी।

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