दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम, डीडीए, बाढ़ एवं सिंचाई विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, पीडब्लूडी आदि भाजपा और आम आदमी पार्टी की एजेंसियों ने मिलकर दिल्ली को जल भराव के दलदल में धकेला है क्योंकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने 11 जनवरी 2024 को राजधानी के ड्रेनेज सिस्टम और जल भराव पर अधिकारियों को फटकार लगाकर कहा था कि जल निकासी की स्थिति बहुत ही दयनीय है। स्थिति को सुधारने के लिए अप्रैल या मानसून का इंतजार न करे, काम अभी से शुरु करे, स्थिति बहुत खराब है। लगातार बिगड़ते हालात और लोगों की मौतों के लिए जिम्मेदार मंत्री आतिशी तुरंत प्रभाव से इस्तीफा दें।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि दिल्ली सरकार, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली विकास प्राधिकरण यह अच्छी तरह समझते है कि 45 वर्ष पुराना दिल्ली का ड्रेनेज सिस्टम वर्तमान जनसंख्या का भार सहने में पूरी तरह असमर्थ है। फिर भी इसमें सुधार करने की जगह हर वर्ष हजारों करोड़ रुपये गाद निकालने के नाम दस्तावेजों में खर्च करके भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाते है और जल भराव की भयावह स्थिति के लिए सरकारों के निकम्मेपन का हर्जाना हर वर्ष लोग पानी डूबने या पानी में कंरट उतरने के कारण अपनी जान गंवा कर भुग रहे है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि कल रात की बारिश के बाद फिर चार लोगों की जान गई जिनमें जिनमें बिंदापुर में 12 वर्षीय लड़का बिजली का करंट लगने, 62 वर्षीय व्यक्ति की सब्जी मंडी में इमारत गिरने, पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर में 23 वर्षीय महिला और उसका 3 साल का बेटा नाले में डूबने से मर गए। अब तक जल भराव और करंट से मरने वाले 19 लोगों की मृत्यु के लिए दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर नगर सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि सरकार ने कुछ नही किया। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि नए संसद भवन की छत से पानी टपक रहा है, जी-20 वाले मडपम भवन, राष्ट्रपति भवन, विजय चौक, आईटीओ, मंडी हाउस, रफी मार्ग, कनॉट प्लेस, मिंटो रोड़, तालकटोरा रोड़, चॉदनी चौक, धौला कुंआ, द्वारका सभी कुछ घंटों की बारिश में डूब गए गए।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि कल दिल्ली हाई कोर्ट ने भी यह माना कि रेवड़ी संस्कृति के चलन के साथ शहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर और विकास में सुधार नही लाया जा सकता। दिल्ली की आबादी 3.3 करोड़ है। कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि 6-7 लाख लोगों के लिए बनाई योजना के बुनियादी ढ़ांचे को उन्नत किए बिना दिल्ली के सभी लोगों को समायोजित करने की योजना कैसे बना सकते है।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की सरकारें हर वर्ष 2846 नालों और नालियों की समय से पहले सफाई करने में नाकाम साबित हुई है और जल भराव के बाद बदहाल दिल्ली को व्यवस्थित करने में हमेशा अपने को असहाय, लाचार प्रदर्शित करती दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि दिल्ली को डुबोने के लिए दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम सत्तासीन आम आदमी पार्टी को गोल्ड मेडल मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि राजधानी में हर व्यक्ति सालाना टैक्स भरता है उसके बाद दिल्ली को क्या मिला, जल भराव, जल जमाव और लोगों की करंट से मौत। उन्होंने कहा कि हर साल की तरह दिल्ली नगर निगम अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ राजेन्द्र नगर के इंस्टीट्यूट में डूबने से मरने वाले छात्रों के लिए दूसरों को जिम्मेदार ठहरा रही है। दिल्ली नगर निगम ने मुख्य सचिव को सौंपी गई रिपोर्ट में अपने अलावा सभी को दोषी साबित किया है, जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने इन सबके लिए दिल्ली नगर निगम को तलब किया है।


