- पीओ और जेल-बेल सेल, द्वारका के कर्मचारियों द्वारा एक घोषित अपराधी को गिरफ्तार किया गया।
- तकनीकी और मैनुअल निगरानी के आधार पर आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
टीम एवं संचालन-
घोषित अपराधियों के खिलाफ एक विशेष अभियान लगातार चलाया जा रहा है और इंस्पेक्टर की अध्यक्षता में जेल-बेल सेल, द्वारका जिले के पुलिस अधिकारियों की एक समर्पित टीम बनाई गई है। श्री रघुवीर सिंह की समग्र देखरेख में एसआई कुलदीप सिंह, एएसआई सुरेंद्र सिंह और एचसी दिनेश कुमार शामिल थे। घोषित अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए राम अवतार, एसीपी/ऑप्स द्वारका का गठन किया गया था। तदनुसार, इस संबंध में सुराग पाने के लिए मुखबिरों को भी क्षेत्र में लगाया गया था।
टीम तकनीकी और मैन्युअल जानकारी पर काम करना जारी रखती है। 26.12.23 को टीम को एक गुप्त सूचना मिली कि आलम गीर नाम का एक व्यक्ति, जिसे द्वारका अदालत ने पीओ घोषित किया है, अपने खिलाफ एक मामले में मुकदमे से बचने के लिए अपने बदले हुए पते पर रह रहा है। तकनीकी और मैन्युअल निगरानी के आधार पर और मुखबिर के कहने पर आरोपी व्यक्ति को द्वारका मोड़, दिल्ली से पकड़ लिया गया। पूछताछ करने पर उसने अपना नाम व पता आलम गीर निवासी ग्राम मोहराका, अमरोहा, उत्तर प्रदेश, उम्र 26 वर्ष बताया।
सजा से बचने के लिए, अपने खिलाफ मुकदमे के दौरान, वह अपने घर से भाग गया और खुद को सजा से बचाने के लिए बार-बार पता बदलता रहा। रिकॉर्ड की जांच करने पर पाया गया कि आरोपी आलम गीर को ई-एफआईआर नंबर 01290/21 यू/एस 380/457/411/34 आईपीसी पीएस बिंदापुर के मामले में माननीय द्वारा आदेश दिनांक 18.12.2023 के तहत उद्घोषित अपराधी घोषित किया गया था। सुश्री दीक्षा सेठी, एलडी का न्यायालय। एमएम, द्वारका कोर्ट, नई दिल्ली। तदनुसार, आरोपी व्यक्ति को डीडी संख्या 75ए यू/एस 41.1(सी) सीआरपीसी थाना बिंदापुर के तहत गिरफ्तार किया गया।
आरोपी गिरफ्तार-
- आलम गीर निवासी ग्राम मोहराका, अमरोहा, उत्तर प्रदेश, उम्र 26 वर्ष।







